प्रमुख जलाशयों में 90 प्रतिशत से अधिक पानी का भंडार मौजूद

24-Oct-2025 12:01 PM

नई दिल्ली। केन्द्रीय जल आयोग के नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि देश के 161 प्रमुख बांधों- जलाशयों में उसकी कुल भंडारण क्षमता  के सापेक्ष 90 प्रतिशत से अधिक पानी का स्टॉक मौजूद है और प्रत्येक तीन में से एक जलाशय पानी से लबालब भरे हुए हैं। इससे रबी फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा। दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्व मानसून सक्रिय हो चुका है। 

आयोग की साप्ताहिक बुलेटिन के अनुसार प्रत्येक तीन प्रमुख जलाशयों में से दो जलाशय में 90 प्रतिशत से ज्यादा पानी का स्टॉक है लेकिन 13 जलाशय ऐसे हैं जिसमें पानी का स्तर घटकर 40 प्रतिशत से भी नीचे आ गया है।

उधर मौसम विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि दक्षिण पश्चिम मानसून की वापसी के बाद यानी 1 से 22 अक्टूबर के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर सामान्य औसत के मुकाबले करीब 13 प्रतिशत कम बारिश हुई लेकिन दक्षिण भारत में 79 प्रतिशत अधिशेष वर्षा दर्ज की गई। वहां बारिश का दौर अभी जारी है। 

केन्द्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक देश के 161 प्रमुख बांधों की सकल जल भंडारण क्षमता 182.496 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) है जबकि उसमें कुल मिलाकर 165.576 बीसीएम या 90.74 प्रतिशत पानी का भंडार उपलब्ध है। यह भंडार गत वर्ष के स्तर से 4 प्रतिशत तथा दस वर्षीय औसत से करीब 15 प्रतिशत बिंदु ज्यादा है। 

इन 161 प्रमुख बांधों-जलाशयों में से 50 जलाशय पानी से पूरी तरह भरे हुए हैं जबकि अन्य 49 बांधों में 90 प्रतिशत से ज्यादा पानी का स्टॉक मौजूद है।

महाराष्ट्र के 17 जलाशयों में पूरी क्षमता के समतुल्य पानी उपलब्ध है जबकि कर्नाटक एवं राजस्थान में पांच-पांच, मध्य प्रदेश, झारखंड एवं गुजरात में चार-चार, तमिलनाडु में तीन तथा तेलंगाना में दो जलाशय पानी से पूरी तरह भरे हुए हैं।

इसके अलावा गोवा, मेघालय, उड़ीसा, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं केरल में एक-एक जलाशय भी पानी से भरे हुए हैं। दक्षिण भारत में जोरदार बारिश होने से जल स्तर और भी बढ़ने की संभावना है।