पूर्वोतर राज्यों में दलहनों का उत्पादन बढ़ाने की जरूरत पर जोर

11-Nov-2024 01:32 PM

गुवाहाटी । केन्द्र सरकार ने पूर्वोत्तर राज्यों से दलहनों तथा बागवानी फसलों का उत्पादन बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने का आग्रह करते हुए कहा है कि इस क्षेत्र में इन फसलों की खेती का दायरा और पैदावार बढ़ाने की अच्छी गुंजाइश मौजूद है

जिसका बेहतर ढंग से इस्तेमाल किया जाना चाहिए। दलहनों का घरेलू उत्पादन बढ़ाकर विदेशों से इसके आयात को कम या खत्म किया जा सकता है। 

आसाम के गुवाहाटी में आयोजित एक गोलमेज सम्मेलन में केन्द्रीय उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव ने कहा कि घरेलू प्रभाग में खाद्य महंगाई को नियंत्रित करने, अर्थ व्यवस्था को सुधारने तथा विदेशों से आयात पर निर्भरता को घटाने के लिए उत्पादन में वृद्धि होना आवश्यक है।

केन्द्र सरकार ने वर्ष 2027 तक देश को दाल-दलहनों के मामले में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा है और इसे हासिल करने की रणनीति पर विचार-विमर्श करने के लिए गुवाहाटी में इस गोलमेज (राउंड टेबल) सम्मेलन का आयोजन किया गया था। 

पूर्वोत्तर क्षेत्र में सात राज्य- आसाम, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, नागालैंड तथा अरुणाचल प्रदेश शामिल हैं जिसे 'सेवन सिस्टर्स' के नाम से भी जाना जाता है। देश के अन्य भागों की तुलना में यह क्षेत्र आर्थिक दृष्टि से पिछड़ा हुआ है। केन्द्र सरकार इस क्षेत्र को विकसित करने के लिए अनेक योजनाएं चला रही है। 

केन्द्रीय खाद्य, उपभोक्ता मामले एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि पूर्वोत्तर राज्यों में दलहनों का उत्पादन बढ़ाने की पर्याप्त क्षमता है अगर अभी तक इसका सही ढंग से दोहन नहीं किया जा सका है।

राज्य सरकारों को इस ओर विशेष ध्यान देते हुए किसानों को दलहनों का उत्पादन तेजी से बढ़ाने के लिए प्रेरित-प्रोत्साहन करने का सुझाव दिया गया है। इसमें केन्द्र की तरफ से भी उचित सहयोग-समर्थन दिया जाएगा।

पूर्वोतर क्षेत्र में दलहनों की पैदावार बढ़ाने के मुद्दे पर यह अपनी तरह का पहला गोलमेज सम्मेलन था जिसमें विभिन्न राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों, अनुसंधान  संस्थानों के विशेषज्ञों एवं अन्य सम्बद्ध पक्षों ने भाग लिया।

उपभोक्ता मामले विभाग ने एनसीसीएफ के सहयोग से एक कार्यशाला का भी आयोजन किया जिसमें दलहनों के उत्पादन के रास्ते में आने वाली चुनौतियों का मुकाबला करने के तौर-तरीकों पर गंभीरतापूर्वक विचार-विमर्श किया गया।