पश्चिमी एवं मध्यवर्ती संभाग के जलाशयों में पानी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद
28-Nov-2025 05:41 PM
पुणे। केन्द्रीय जल आयोग के नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि देश के पश्चिमी तथा मध्यवर्ती भाग के जलाशयों में पानी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है जिससे रबी फसलों की सिंचाई में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
आयोग के अनुसार देश के पश्चिमी संभाग में 53 प्रमुख बांधों-जलाशयों में फिलहाल 36.297 अरब घन लीटर (बीसीएम) का स्टॉक उपलब्ध है जो उसकी कुल भंडारण क्षमता 37.357 बीसीएम का 95 प्रतिशत है। इससे पेयजल तथा फसलों की सिंचाई के साथ-साथ औद्योगिक उद्देश्य के लिए भी पर्याप्त पानी मिल सकता है।
आयोग के अनुसार महाराष्ट्र में 9 बांधों-जलाशयों में पूरी भंडारण क्षमता के समतुल्य पानी का स्टॉक मौजूद है जबकि प्रांतीय स्तर पर सभी बांधों में औसतन 96 प्रतिशत पानी का भंडार है।
गुजरात के बांधों में भी जलस्तर बढ़कर 94 प्रतिशत पर पहुंच गया है जबकि गोवा का एक मात्र जलाशय पहले से ही पानी से भरा हुआ है।
जहां तक मध्यवर्ती क्षेत्र का सवाल है तो वहां 28 प्रमुख जलाशयों में 43.772 बीसीएम पानी का स्टॉक मौजूद है जो उसकी कुल भंडारण क्षमता 48.588 बीसीएम का 90 प्रतिशत है।
मध्य प्रदेश के बांधों में 93 प्रतिशत तथा उत्तराखंड के जलाशयों में 90 प्रतिशत पानी का भंडार मौजूद है जबकि पानी का स्तर छत्तीसगढ़ के बांधों में 86 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश के जलाशयों में 76 प्रतिशत आंका गया है।
दरअसल मध्यवर्ती भाग में लम्बे समय से अच्छी वर्षा नहीं हुई है और पश्चिमी जोन में भी पिछले सप्ताह बारिश का अभाव देखा गया। दूसरी ओर बांधों-जलाशयों से पानी की निकासी नियमित रूप से होती रही।
इसके बावजूद वहां पानी का इतना बड़ा भंडार मौजूद है कि अगले कुछ महीनों तक इसकी किल्लत महसूस नहीं होगी।
