पश्चिमी क्षेत्र के जलाशय में 82 प्रतिशत से अधिक पानी का स्टॉक मौजूद

23-Jan-2026 05:08 PM

मुम्बई। पश्चिमी भारत के राज्यों और खासकर महाराष्ट्र, गोवा तथा गुजरात में पिछले साल दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के दौरान विशाल अधिशेष बारिश हुई थी जिससे बांधो जलाशयों में पानी का स्तर बढ़कर उसकी कुल भण्ड़ारण क्षमता के 90 प्रतिशत से भी ऊपर पहुंच गया था। हालांकि अब जल स्तर में गिरावट आ रही है लेकिन फिर भी देश के अन्य भागो की तुलना में वहां जल स्तर ऊंचा देखा जा रहा है। 

केंद्रीय जल आयोग के नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि पश्चिमी संभाग के 53 प्रमुख बांधो-जलाशयों में फ़िलहाल 31.349 विलियन क्यूबिक मीटर  (बीपीएम) पानी का स्टॉक उपलब्ध है जो उसकी कुल भण्ड़ारण क्षमता 38.094 बीसीएम का 82.29 प्रतिशत है भंडारण क्षमता के सापेक्ष गोवा के एक मात्र जलाशय में 89 प्रतिशत पानी बचा हुआ है जबकि महाराष्ट्र के बांधो में 83 प्रतिशत और गुजरात के जलाशयों में 82 प्रतिशत पानी का स्टॉक उपलब्ध है। पश्चिमी संभाग के राज्यों में रबी फसलों की बिजाई समाप्त हो चुकी है और पिछले कुछ सप्ताहों से बारिश का आभाव होने के बावजूद वहां फसलों की हालत सामान्य बताई जा रही है क्योंकि इसकी सिंचाई के लिए बांधो-जलाशयों से पानी की नियमित आपूर्ति हो रही है। महाराष्ट्र एवं गुजरात में चना, गेहूं तथा मक्का सहित कई अन्य फसलों की खेती रबी सीजन में बड़े पैमाने पर की जाती है।