पश्चिमोत्तर भारत में बारिश होने की संभावना- रबी फसलों को मिलेगी राहत
19-Jan-2026 04:05 PM
नई दिल्ली। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा है कि अगले कुछ दिनों के दौरान पश्चिमोत्तर भारत और खासकर पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान जैसे प्रांतों में बारिश तथा पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी का नया दौर आरंभ हो सकता है।
इससे गेहूं, सरसों, चना एवं जौ सहित अन्य रबी फसलों को राहत मिलने की उम्मीद है। दूसरी ओर देश के बड़े भाग में तापमान बढ़ने एवं ठंड का प्रकोप घटने की संभावना भी व्यक्त की गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक अगले चार दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान काफी हद तक स्थिर रहेगा और उसके बाद इसमें 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक का इजाफा हो सकता है। इससे आम लोगों को भीषण ठंड से राहत मिलेगी।
मौसम विभाग के अनुसार 22 से 24 जनवरी के दौरान पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान में हल्की से सामान्य तक वर्षा हो सकती है। कई राज्यों में आगामी समय में कम तापमान तथा तेज हवा के प्रवाह एवं गरज-चमक के साथ बौछार पड़ने की संभावना को देखते हुए किसानों एवं पशुपालकों के लिए एडवायजरी भी जारी की गई है।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के एक विशेषज्ञ का कहना है कि शीतकालीन वर्षा का प्रभाव आमतौर पर मिश्रित होता है लेकिन रबी फसलों के लिए इसे लाभदायक माना जाता है। लेकिन यह बारिश हल्की से लेकर सामान्य तक होनी चाहिए और सभी क्षेत्रों में इसका अच्छा वितरण भी होना चाहिए।
इससे खेतों की मिटटी में नमी का अंश बढ़ता है और पौधों में फूल तथा दाना लगने की गति तेज होती है। मौसम विभाग के मुताबिक 18 से 21 जनवरी के दौरान जम्मू, कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश एवं मुजफ्फराबाद में हल्की से सामान्य बारिश तथा ओलावृष्टि होने की संभावना है। इसे 22-24 जनवरी को वर्षा की सघनता मैदानी राज्यों में बढ़ जाएगी।
