पश्चिमोत्तर भारत में हो रही बारिश से रबी फसलों को राहत

23-Jan-2026 05:05 PM

नई दिल्ली। मौसम विभाग ने पहले ही 22 से 24 जनवरी के बीच देश के पश्चिमोत्तर भाग और खासकर पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तरप्रदेश, राजस्थान एवं दिल्ली में हल्की से लेकर मध्यम स्तर तक की वर्षा होने का अनुमान व्यक्त किया था और इसके अनुरूप उपरोक्त प्रांतो में बारिश हुई तथा अब भी हो रही है इससे प्रमुख रबी फसलों-गेहूं, चना जौ, सरसों एवं मसूर मटर आदि को काफी राहत मिलने की उम्मीद है लम्बे समय से इस संभाग में मौसम शुल्क बना हुआ था और वहां बारिश की सख्त आवश्यकता महसूस की जा रही थी। यह वर्षा रबी फसलों के लिए वरदान साबित हो सकती है। 

उधर उत्तर-पश्चिम भारत में पर्वतीय राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख के ऊंचाई वाले क्षेत्रो में हिमपात होने से मैदानी इलाको में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है और तापमान घटकर नीचे आ गया है। 

मौसम विभाग के अनुसार पहले एक पश्चिमी विछोभ सक्रिय हुआ और फिर दूसरा विछोभ भी आ गया। दोनों विचीभ आधे रास्ते में ही एक दूसरे से गए। इससे भारत और पाकिस्तान में वर्षा होने लगी। 22 जनवरी को दोनों विछोभ के विषय से बारिश की शुरआत हुई और आज 23 जनवरी को भी यह बरकरार रही। 

मौसम विभाग के मुताबिक विलय होने से पूर्व पहला पश्चिमी विछोभ एंड ट्रफ के रूप में सुदूर दक्षिण-पूर्वी ईरान, उससे सटे उत्तरी अरबसागर तथा दक्षिण पश्चिम पाकिस्तान के ऊपर काफी ऊंचाई वाले वातावरण में देखा गया था जबकि दूसरा विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर कम ऊंचाई वाले वायुमंडल से अल साइक्लोनिक सर्कुलेशन के रूप में मौजूद था। 

22-22 जनवरी से ही विक्षोभों के इस विषय का प्रभाव दिखाई पड़ने लगा था। इसके तहत दूर-दूर तक उपरोक्त क्षेत्रो में बारिश हुई, की क्षेत्रो में हिमपात हुआ,  गाज चमक के साथ बौछार पड़ी, तेज हवा का प्रवाह हुआ और कहीं-कहीं ठंडी बर्फीली तूफान का प्रकोप भी देखा गया। बाद में यही स्थिति ईरान एवं पाकिस्तान से आगे बढ़कर भारत में पहुंच गई। एक अन्य विक्षोभ सोमवार (26 जनवरी) को सक्रिय होने की संभावना है जो गहराई, मजबूती एवं क्षमता में काफी सघन हो सकता है।