रबी फसलों की बिजाई के लिए परिस्थितियां अनुकूल
30-Oct-2025 01:49 PM
नई दिल्ली। खरीफ फसलों की कटाई-तैयारी और रबी फसलों की बिजाई अब जोर पकड़ने लगी है जबकि अगले दो-तीन महीनों तक इसकी रफ्तार तेज रहेगी। मौसम की हालत अधिकांश राज्यों में धीरे-धीरे अनुकूल होती जा रही है।
मोंथा चक्रवाती तूफान के कारण कुछ दक्षिणी राज्यों में भारी वर्षा हो रही है और महाराष्ट्र में भी बारिश की सूचना मिल रही है मगर देश के अन्य भागों में मौसम लगभग साफ है और तापमान भी घटने लगा है। इससे खेतों की मिटटी में नमी का अंश लम्बे समय तक बरकरार रहने की संभावना है।
रबी सीजन में मुख्यतः गेहूं, जौ, सरसों, अलसी, चना, मसूर एवं मटर की खेती होती है। इसके अलावा कुछ ऐसी दलहन-तिलहन फसलों की बिजाई भी होती है जिसका उत्पादन खरीफ सीजन में भी होता है। इसमें ज्वार, मक्का, मूंग, उड़द, मूंगफली, तिल और सूरजमुखी शामिल है।
केन्द्र सरकार ने छह रबी फसलों- गेहूं, जौ, चना, मसूर, सरसों एवं नाइजर सीड के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया है और पिछले सप्ताह के मुकाबले इस बार इसमें अच्छी बढ़ोत्तरी भी की है। इससे किसानों को क्षेत्रफल बढ़ाने का प्रोत्साहन मिलेगा।
इसके साथ-साथ बांधों-जलाशयों में पानी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है जिससे रबी फसलों की सिंचाई के लिए भरपूर पानी उपलब्ध हो सकेगा।
पिछले साल के मुकाबले चालू रबी सीजन के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर सरसों तथा गन्ना के बिजाई क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है क्योंकि इसका बाजार भाव सरकारी समर्थन मूल्य से ऊंचा चल रहा है।
अन्य फसलों का रकबा थोड़े-बहुत उतार-चढ़ाव के साथ लगभग स्थिर रहने के आसार हैं। गेहूं का रकबा मध्य प्रदेश में बढ़ सकता है। राजस्थान और उत्तर प्रदेश के किसान सरसों की खेती में भारी दिलचस्पी दिखा सकते हैं।
यदि राजस्थान में गेहूं पर अतिरिक्त बोनस की घोषणा नहीं हुई तो वहां इसका क्षेत्रफल घट सकता है। उत्तर प्रदेश में भी रकबा घटने की संभावना है।
