रबी फसलों का रकबा 660 लाख हेक्टेयर से ऊपर पहुंचा
27-Jan-2026 09:35 PM
नई दिल्ली। हालांकि गेहूं, दलहन, तिलहन एवं मोटे अनाजों की बिजाई लगभग समाप्त हो चुकी है लेकिन धान की खेती जारी रहने से रबी फसलों का उत्पादन क्षेत्र बढ़कर इस बार 23 जनवरी 2026 तक 660.48 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 642.20 लाख हेक्टेयर से 18.24 लाख हेक्टेयर ज्यादा है। अधिकांश फसलों का रकबा गत वर्ष से आगे रहा।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2024-25 सीजन की तुलना में 2025-26 के वर्तमान रबी सीजन के दौरान गेहूं का उत्पादन क्षेत्र 328.04 लाख हेक्टेयर से उछलकर 334.17 लाख हेक्टेयर,
धान का क्षेत्रफल 29.23 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 31.03 लाख हेक्टेयर, दलहनों का बिजाई क्षेत्र 133.94 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 137.55 लाख हेक्टेयर और मोटे अनाजों का रकबा 57.45 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 60.70 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। इसी तरह रबी कालीन तिलहन फसलों की बिजाई भी बढ़ गई।
इस बार किसानों का रुझान गेहूं, चना, मसूर, मक्का, जौ, सरसों तथा मूंगफली की तरफ ज्यादा रहा। दक्षिण भारत में धान की खेती अभी समाप्त नहीं हुई है इसलिए रबी फसलों के कुल रकबे में आगे कुछ और सुधार हो सकता है।
रबी कालीन दलहन फसलों में चना के बिजाई क्षेत्र में 4.66 लाख हेक्टेयर तथा मसूर के क्षेत्रफल में 46 हजार हेक्टेयर का इजाफा हुआ।
इसी तरह मोटे अनाजों में मक्का का उत्पादन क्षेत्र 26.21 लाख हेक्टेयर से उछलकर 29.05 लाख हेक्टेयर तथा जौ का बिजाई क्षेत्र 1.30 लाख हेक्टेयर बढ़कर 7.37 लाख हेक्टेयर हो गया।
रबी सीजन की सबसे प्रमुख तिलहन फसल- सरसों का उत्पादन क्षेत्र 2.80 लाख हेक्टेयर की वृद्धि के साथ 89.56 लाख हेक्टेयर तथा मूंगफली का रकबा 15 हजार हेक्टेयर सुधरकर 3.52 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा।
