रबी कालीन दलहन फसलों की बिजाई की गति धीमी पड़ी

16-Dec-2025 08:20 PM

नई दिल्ली। भारत में रबी कालीन दलहन फसलों की बिजाई की गति अब धीमी पड़ने लगी है। इसके तहत खासकर मसूर, मटर एवं कुलथी की खेती में किसानों का उत्साह ठंडा पड़ने लगा है। मूंग की बिजाई पिछड़ रही है। यदि यही हाल रहा तो कुल रकबा का पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल से आगे निकलना मुश्किल हो सकता है। 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार गत सप्ताह तक भारत में रबी कालीन दलहन फसलों का सकल उत्पादन क्षेत्र सुधरकर 117.11 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 115.41 लाख हेक्टेयर से कुछ अधिक मगर पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 12378 लाख हेक्टेयर से काफी पीछे रहा

इतना ही नहीं बल्कि इस वर्ष दिसम्बर के दूसरे सप्ताह के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर 10.40 लाख हेक्टेयर में दलहनों की बिजाई हुई जबकि गत वर्ष के इसी सप्ताह में 9.63 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बिजाई पूरी हुई थी जबकि बिजाई क्षेत्र का औसत साप्ताहिक आंकड़ा 11.50 लाख हेक्टेयर रहा है। 

रबी सीजन के दौरान देश में चना, मसूर, मटर, कुलथी एवं खेसारी जैसे दलहनों की खेती की जाती है जबकि उड़द एवं मूंग की बिजाई भी होती है।

उड़द एवं मूंग का उत्पादन खरीफ सीजन एवं जायद सीजन में भी होता है जबकि चना, मसूर, मटर का उत्पादन सिर्फ रबी सीजन में और तुवर का उत्पादन केवल खरीफ सीजन में होता है।

पिछले साल के मुकाबले इस बार चना की बिजाई तो बढ़ रही है लेकिन अन्य दलहनों के बारे में कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिल रहा है।

इसका रकबा गत वर्ष से कभी आगे हो जाता है तो कभी पीछे रह जाता है। जब तक बिजाई की प्रक्रिया समाप्त नहीं हो जाती तब तक अनिश्चितता बरकरार रह सकती है।