रबी कालीन दलहनों की खेती में किसानों की अच्छी दिलचस्पी

30-Oct-2025 04:19 PM

नई दिल्ली। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में अच्छी बढ़ोत्तरी होने तथा मौसम की हालत अनुकूल रहने से भारतीय किसान चालू रबी सीजन के दौरान दलहन फसलों की खेती में अच्छी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। बिजाई का अभी शुरूआती दौर है और ऐसा प्रतीत होता है कि खासकर चना के उत्पादन क्षेत्र में इजाफा हो सकता है।

चूंकि अब सरकार ने पीली मटर पर 30 प्रतिशत का आयात शुल्क लगा दिया है जिससे दलहनों का बाजार भाव कुछ सुधरने के आसार हैं इसलिए चना के साथ-साथ मसूर एवं मटर का रकबा भी बेहतर रह सकता है। 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार चालू रबी सीजन में 24 अक्टूबर तक राष्ट्रीय स्तर पर दलहनों का कुल उत्पादन क्षेत्र सुधरकर 4.50 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जो गत वर्ष की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 4.38 लाख हेक्टेयर से 8.74 प्रतिशत अधिक है।

इसके तहत खासकर चना का बिजाई क्षेत्र 2.89 लाख हेक्टेयर से 10.38 प्रतिशत बढ़कर 3.19 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा मगर मसूर का क्षेत्रफल 69 हजार हेक्टेयर से 29 प्रतिशत घटकर 49 हजार हेक्टेयर और मटर का रकबा 50 हजार हेक्टेयर से 28 प्रतिशत गिरकर 36 हजार हेक्टेयर पर अटक गया। कुलथी एवं उड़द की बिजाई में अच्छी बढ़ोत्तरी देखी जा रही है।

आई ग्रेन इंडिया के डायरेक्टर राहुल चौहान का कहना है कि प्रमुख उत्पादक राज्यों में खेतों की मिटटी में नमी का पर्याप्त अंश मौजूद है। जहां नमी का अंश ऊंचा है वहां किसान मसूर के बजाए गेहूं की बिजाई को प्राथमिकता दे सकते हैं।

इस बार मौसम सामान्य से ज्यादा ठंडा रहने का अनुमान है जो गेहूं की फसल  के लिए लाभदायक साबित होगा। मटर की बिजाई में कुछ सुधार आ सकता है।