रबीकालीन दलहन फसलों की हालत संतोषजनक

03-Feb-2026 03:44 PM

नई दिल्ली। रबीकालीन दलहन फसलों की थोड़ी-बहुत बिजाई दक्षिण भारत में हो रही थी जो अब लगभग पूरी हो चुकी है और कुल मिलाकर राष्ट्रीय स्तर पर इसके रकबे में अच्छा इजाफा हुआ है। आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में जल संकट को देखते हुए किसानों ने धान के बजाए दलहनों का रकबा बढ़ाने पर ध्यान दिया।

आधिकारिक आकड़ों के अनुसार चालू रबी सीजन में दलहन फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 139.55 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है जो पिछले साल की समानअवधि के बिजाई क्षेत्र 134.52 लाख हेक्टेयर से 5.05 लाख हेक्टेयर ज्यादा लेकिन पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 140.42 लाख हेक्टेयर से कुछ कम है। चना के रकबे में सबसे ज्यादा बढ़ोत्तरी हुई है जबकि मसूर एवं उड़द का रकबा भी बढ़ा है।

केंद्रीय कृषि मंत्रालय के आकड़ों से पता चलता है कि पिछले साल की तुलना में चालू रबी सीजन के दौरान चना का उत्पादन क्षेत्र 91.22 लाख हेक्टेयर से उछलकर 96.20 लाख हेक्टेयर, मसूर का बिजाई क्षेत्र 17.66 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 18.12 लाख हेक्टेयर तथा उड़द का क्षेत्रफल 5.67 लाख हेक्टयर से बढ़कर 6.06 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। मूंग का रकबा 1.00 लाख हेक्टेयर पर स्थिर रहा।

दूसरी ओर इसी अवधि में मटर का उत्पादन क्षेत्र 8.27 लाख हेक्टेयर से गिरकर 7.92 लाख हेक्टेयर तथा कुल्थी का बिजाई क्षेत्र 2.41 लाख हेक्टेयर से घकर 1.98 लाख हेक्टेयर रह गया। हालांकि खेसारी का रकबा आगे-पीछे होते हुए अंततः 2.92 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 2.98 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया लेकिन रबी सीजन की अन्य दलहनों का बिजाई क्षेत्र 5.37 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 5.30 लाख हेक्टेयर पर अटक गया। आमतौर पर दलहन फसलों की हालत संतोषजनक बताई जा रही है।