राजस्थान में खरीफ फसलों के उत्पादन का पहला अग्रिम अनुमान जारी
05-Nov-2025 03:51 PM
जयपुर। देश के पश्चिमी प्रान्त- राजस्थान में इस वर्ष दक्षिण- पश्चिम मानसून के जल्दी पहुंचने से खरीफ फसलों की अगैती बिजाई करने में किसानों को सहायता मिली लेकिन बाद में अत्यन्त जोरदार वर्षा होने तथा कई इलाकों में भयंकर बाढ़ आने से फसलों को नुकसान भी हुआ। अब राजस्थान के कृषि विभाग ने खरीफ फसलों के उत्पादन का पहला अग्रिम अनुमान जारी किया है।
प्रथम अग्रिम अनुमान की रिपोर्ट में 2025-26 के खरीफ मार्केटिंग सीजन के दौरान राज्य में 88.47 लाख टन अनाज एवं 23.49 लाख टन दलहन के साथ कुल 111.96 लाख टन खाद्यान्न के उत्पादन की संभावना व्यक्त की गई है।
इसके अलावा राजस्थान में 39.22 लाख टन तिलहन, 17.64 लाख टन ग्वार, 3.32 लाख टन गन्ना एवं 19.71 लाख गांठ (170 किलो की प्रत्येक गांठ) कपास के उत्पादन की उम्मीद जताई गई है।
अनाजी फसलों के अंतर्गत राज्य में 10.17 लाख टन चावल, 5.50 लाख टन ज्वार, 50.74 लाख टन बाजरा एवं 22.06 लाख टन मक्का के उत्पादन का अनुमान लगाया गया है।
इसी तरह दलहन फसलों में 16.75 लाख टन मूंग, 4.46 लाख टन मोठ 1.68 लाख टन उड़द तथा 52 हजार टन चौला के उत्पादन की संभावना जताई गई है। तुवर का उत्पादन 8 हजार टन से कम होगा जबकि अन्य दलहनों की पैदावार नगण्य होगी।
तिलहन फसलों के संवर्ग में इस बार राजस्थान में मूंगफली का उत्पादन तेजी से उछलकर 24.66 लाख टन के शीर्ष स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया गया है
क्योंकि इसके बिजाई क्षेत्र में वृद्धि होने के साथ-साथ मौसम भी फसल के लिए अनुकूल रहा जिससे औसत उपज दर में भारी बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है। इसके अलावा राजस्थान में 10.89 लाख टन सोयाबीन, 2.98 लाख टन अरंडी तथा 69 हजार टन तिल का उत्पादन होने की संभावना है।
कृषि विभाग के अनुसार राज्य में ग्वार का बिजाई क्षेत्र सुधरकर 26.51 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा था मगर बाढ़-वर्षा से फसल को हुई क्षति के कारण औसत उपज दर 666 किलो प्रति हेक्टेयर आंका जा रहा है
इसलिए कुल उत्पादन 17.64 लाख टन होने का अनुमान लगाया गया है। उल्लेखनीय है कि राजस्थान बाजरा, मूंग एवं ग्वार का सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य है।
