रिकार्ड क्षेत्रफल के सहारे गेहूं के शानदार उत्पादन की उम्मीद

21-Jan-2026 03:38 PM

नई दिल्ली। रबी सीजन के सबसे प्रमुख खाद्यान्न-गेहूं की खेती में इस बार भारतीय किसानो द्वारा जबरदस्त उत्साह दिखाया गया जिससे इसका बिजाई क्षेत्र उछलकर सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया। एक और अच्छी बात यह है कि इस बार राष्ट्रीय स्तर पर 73 प्रतिशत क्षेत्रफल में गेहूं की ऐसी किस्मो की बोआई हुई है जिसमे प्रतिकूल मौसम और खासकर ऊंचे तापमान को बर्दाश्त करने की अधिक क्षमता है मौसम विभाग ने फरवरी-मार्च में तापमान सामान्य औसत से ऊंचा रहने का अनुमान लगाया है जिससे गेहूं की फसल पर असर पड़ सकता है लेकिन यदि नियमित रूप से बारिश या सिंचाई होती जा रही तो तापमान असर पड़ सकता है लेकिन यदि नियमित रूप से बारिश या सिंचाई होती रही तो ऊंचे तापमान का प्रभाव नगण्य हो सकता है। 

केंद्रीय कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार 2025-26 के वर्तमान रबी सीजन के दौरान गेहूं का उत्पादन क्षेत्र 328.04 लाख हेक्टेयर से 6.13 लाख हेक्टेयर तथा पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 312.35 लाख हेक्टेयर से करीब 22 लाख हेक्टेयर अधिक है। फसल की हालत संतोषजनक है और इसकी देखभाल में किसान अच्छी दिलचस्पी दिखा रहे है। 

बिजाई क्षेत्र में हुई वृद्धि तथा फसल की मौजूदा हालत को देखते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री ने गेहूं का उत्पादन बढ़कर 2024-25 के रिकॉर्ड स्तर 1179.40 लाख टन से भी ऊपर पहुंच जाने की उम्मीद व्यक्त की है जबकि करनाल (हरियाणा) स्थित संस्था -भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान ने गेहूं का कुल उत्पादन बढ़कर 1200 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंचने का अनुमान लगाया है। सरकार द्वारा गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2024-25 सीजन के 2425 रूपए प्रति क्विंटल से 160 रूपए बढ़कर 2025-26 सीजन के लिए 2585 रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। जिससे किसान संतुष्ट है। 

हालांकि हाल के महीनो में गेहूं के थोक मंडी भाव में नरमी या स्थिरता का माहौल रहा है लेकिन इसकी खेती के प्रति किसानो के उत्साह एवं आकर्षण पर इसका कोई असर नहीं देखा गया क्योंकि वे अपना अधिकांश स्टॉक पहले ही बेच चुके थे।