रिकॉर्ड उत्पादन होने पर गेहूं के निर्यात की अनुमति संभव

02-Feb-2026 02:21 PM

नई दिल्ली। केंद्रीय पूल में गेहूं का अच्छा स्टॉक मौजूद है और घरेलू प्रभाग में आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सामान्य होने से कीमतों में काफी हद तक स्थिरता का माहौल बना हुआ है। चालू रबी सीजन में गेहूं का बिजाई क्षेत्र उछलकर 334 लाख हेक्टेयर के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है और अभी तक कुल मिलाकर मौसम तथा फसल की हालत संतोषजनक बनी हुई है। इसे देखते हुए कुछ समीक्षकों को उम्मीद है कि यदि 2025-26 के मौजूदा सीजन में गेहूं का घरेलू उत्पादन तेजी से उछलकर सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंचता है तो सरकार इसके निर्यात की स्वीकृति देने पर विचार कर सकती है। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने 2024-25 सीजन में करीब 1180 लाख टन गेहूं का उत्पादन आंका था और 2025-26 सीजन के लिए 1180 लाख टन के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है। एक सरकारी अनसंधान संस्थान का मानना है कि इस बार गेहूं का उत्पादन 1200 लाख टन तक पहुंच सकता है।

लेकिन सरकार द्वारा गेहूं के निर्यात की अनुमति दिए जाने में फ़िलहाल संदेह है। फरवरी-मार्च का मौसम गेहूं की फसल के लिए पूरी तरह अनुकूल नहीं रहने की सम्भावना है। सरकार की पहली प्राथमिकता घरेलू खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की रहती है। वह स्वयं विशाल मात्रा में इसकी खरीद करेगी। वैसे एक अंतर-मंत्रालयी समिति द्वारा इस मुद्दे पर विचार किए जाने की सूचना मिली है और शीघ्र ही इस पर निर्णय भी लिया जा सकता है। ज्ञात हो कि मई 2022 से ही गेहूं के व्यापारिक निर्यात पर प्रतिबन्ध लगा हुआ है।