रिकॉर्ड उत्पादन की उम्मीद से गेहूं बाजार पर दबाव पड़ने का अनुमान

19-Dec-2025 11:36 AM

नई दिल्ली। बिजाई क्षेत्र में हो रही भारी बढ़ोत्तरी तथा अनुकूल मौसम के सहारे उपज दर में सुधार आने की संभावना को देखते हुए 2025-26 के मौजूदा रबी सीजन के दौरान गेहूं का घरेलू उत्पादन 2024-25 सीजन की तुलना में कम से कम 50 लाख टन बढ़कर सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया जा रहा है जिससे अगले साल भी इसकी कीमतों पर दबाव बरकरार रह सकता है।

कुछ विश्लेषकों का मानना है कि घरेलू प्रभाग में उपलब्धता की स्थिति सुगम होने पर गेहूं का दाम घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे आ सकता है जिससे सरकार को केन्द्रीय पूल के लिए विशाल मात्रा में इसकी खरीद के लिए विवश होना पड़ सकता है। परिस्थिति अनुकूल रहने पर सरकार गेहूं के निर्यात की अनुमति देने पर भी विचार कर सकती है। 

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार 2024-25 के रबी सीजन में देश के अंदर लगभग 1175 लाख टन गेहूं का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ जो 2025-26 के सीजन में उछलकर 1220 लाख टन से भी ऊपर पहुंच जाने की उम्मीद है।

उत्पादन में यह शानदार वृद्धि ऐसे समय में होने वाली है जब मिलर्स प्रोसेसर्स व्यापारियों- स्टॉकिस्टों के साथ-साथ भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के पास गेहूं का समुचित स्टॉक मौजूद है और निगम को खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न की बिक्री को स्थगित रखने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। ऐसी हालत में अगले साल के रिकॉर्ड उत्पादन को खरीदने में दिक्कत होगी। 

समीक्षकों के अनुसार मार्च-अप्रैल 2026 से गेहूं के नए माल की जोरदार आवक शुरू हो जाएगी और मिलर्स तथा- स्टॉकिस्टों की मांग सीमित रहने पर इसके दाम में नरमी आ सकती है।

सरकार के पास लगभग 200 लाख टन गेहूं का बकाया स्टॉक उपलब्ध रहेगा और वह कम से कम 300 लाख टन की नई खरीद कर सकती है।

खरीद का दायरा उससे ऊपर भी पहुंच सकता है। इसके बावजूद थोक मंडियों में बिक्री के लिए गेहूं का भरपूर स्टॉक उपलब्ध रह सकता है।