'सी' द्वारा सरकार से खाद्य तेलों पर फ्राईट सब्सिडी देने का आग्रह
12-May-2026 12:00 PM
मुम्बई। स्वदेशी वनस्पति तेल उद्योग एवं व्यापार क्षेत्र के एक अग्रणी संगठन- सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) ने पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण खाद्य तेलों के आयात में पड़ रही बाधा और आयात खर्च में हो रही वृद्धि से उत्पन्न चुनौतियों को दूर करने के लिए सरकार से आवश्यक नीतिगत सहयोग-समर्थन एवं प्रोत्साहन देने का आग्रह किया है।
एसोसिएशन ने केन्द्र सरकार से खाद्य तेलों के लिए सामुद्रिक परिवहन खर्च (किराया भाड़ा) में सब्सिडी देने, विदेशों से आयातित खाद्य तेल के जहाजों को भारतीय बंदरगाहों पर प्राथमिकता के आधार पर बर्थ उपलब्ध करवाने तथा औलियोकैमिकल्स निर्माताओं के लिए शुल्क मुक्त आयात की स्वीकृति देने का अनुरोध किया है। एसोसिएशन का कहना है कि क्रूड खनिज तेल का वैश्विक बाजार भाव ऊंचा एवं तेज हो गया है जबकि भारतीय मुद्रा (रुपया) का भारी अवमूल्यन हो चुका है। इससे विदेशों से आने वाले वनस्पति तेलों का आयात खर्च बहुत बढ़ गया है।
ऊंचे दाम पर आयातित खाद्य तेलों को घरेलू बाजार में महंगे भाव पर बेचने के लिए कंपनियों को विवश होना पड़ेगा जिससे उपभोक्ताओं की कठिनाई और भी बढ़ जाएगी। इस समस्या से निपटने के लिए सरकार को ऐसा उपाय करना चाहिए जिससे खाद्य तेल की कीमतों को उचित स्तर पर बरकरार रखने में सहायता मिल सके।
हाल के महीनों में खाद्य तेलों के आयात के लिए सामुद्रिक परिवहन का किराया भाड़ा (शिपमेंट चार्ज) तथा बीमा व्यय में काफी इजाफा हो गया है। भारतीय रुपए में यह खर्च और भी ऊंचा प्रतीत होता है। रूस-यूक्रेन, अर्जेन्टीना- ब्राजील एवं इंडोनेशिया-मलेशिया से आने वाले खाद्य तेलों पर किराया भाड़ा बहुत बढ़ गया है। यदि सरकार इस पर सब्सिडी प्रदान करे तो इससे उद्योग एवं उपभक्ताओं को राहत मिलेगी।
