सहकारी संगठन द्वारा सरकार से चीनी का निर्यात कोटा बढ़ाने का आग्रह
18-Dec-2025 12:05 PM
पुणे। सहकारी चीनी मिलों के शीर्ष संगठन- नेशनल फेडरेशन ऑफ को ऑपरेटिव शुगर फैक्टरीज (एनएफसीएसएफ) ने चीनी के घटते दाम को स्थिर करने के लिए सरकार से नीतिगत हस्तक्षेप करने तथा कुछ सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया है।
फेडरेशन का कहना है कि सरकार को चीनी का निर्यात कोटा बढ़ाना चाहिए और एथनॉल निर्माण के लिए चीनी के उपयोग का कोटा भी 5 लाख टन बढ़ा देना चाहिए।
चालू मार्केटिंग सीजन के दौरान देश में चीनी के उत्पादन में जोरदार बढ़ोत्तरी होने की संभावना है क्योंकि एक तो गन्ना की अच्छी पैदावार होने की उम्मीद है जिससे मिलों को क्रशिंग के लिए अधिक मात्रा में कच्चा माल प्राप्त होगा होगा और दूसरे, गन्ना से चीनी की औसत रिकवरी दर में भी सुधार आने के संकेत मिल रहे हैं। चीनी के एक्स फैक्टरी मूल्य में गिरावट आ रही है।
फेडरेशन का कहना है कि चीनी के घटते मूल्य पर अंकुश लगाना आवश्यक है अन्यथा गन्ना किसानों को सही समय पर उसके उत्पाद का मूल्य प्राप्त करने में भारी कठिनाई हो सकती है। चीनी का एक्स फैक्टरी भाव घटकर लागत खर्च से नीचे आ गया है जिससे मिलर्स को आर्थिक नुकसान होने लगा है।
फेडरेशन के अध्यक्ष का कहना है कि सरकार को सही समय पर सकरात्मक निर्णय लेकर चीनी उद्योग के हितों की रक्षा करनी चाहिए। चीनी मिलों को सरकारी सहायता की सख्त जरूरत है और खासकर सहकारी चीनी मिलों को इस मदद की ज्यादा दरकार है क्योंकि उस पर वित्तीय दबाव तेजी से बढ़ रहा है।
यदि चीनी का निर्यात कोटा बढ़ाया जाता है और एथनॉल निर्माण में अधिक मात्रा में चीनी के उपयोग पर चीनी के विशाल स्टॉक का भार घटाने के लिए यह आवश्यक है।
इस्मा ने भी कुछ इसी तरह की मांग की है। उसने चीनी के एक्स फैक्टरी न्यूनतम बिक्री मूल्य (एमएसपी) में भी बढ़ोत्तरी करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
