सुपर अल नीनो से वैश्विक स्तर पर मौसम खराब रहने की आशंका
03-Jul-2026 07:45 PM
नई दिल्ली। मौसम विशेषज्ञों एवं पूर्वानुमान केन्द्रों का कहना है कि इस बार विषुवतीय प्रशांत महासगार में समुद्र तल का तापमान जिस तेजी से गर्म हो रहा है वैसा पहले कभी नहीं देखा गया। यह सुपर अल नीनो के आने का स्पष्ट संकेत है और इसके प्रभाव से संसार के विभिन्न भागों में मौसम अपनी चरम अवस्था पर पहुंच सकता है।
इसका मतलब यह हुआ कि दुनिया के जिन भागों में मौसम शुष्क रहेगा और बारिश कम होगी वहां अत्यन्त भयंकर एवं विनाशकारी सूखे का संकट उत्पन्न हो सकता है। दूसरी ओर जहां वर्षा की संभावना रहेगी वहां अत्यन्त मूसलाधार बारिश हो सकती है और भयंकर बाढ़ आ सकती है। ये दोनों ही स्थिति कृषि उत्पादन के लिए घातक साबित होगी और इससे अनेक देशों को गंभीर खाद्य संकट का सामना करना पड़ सकता है।
विश्व मौसम संगठन (डब्ल्यू एम ओ) के अनुसार कहीं भयंकर सूखा पड़ने तथा कहीं भीषण बाढ़ आने से न केवल जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है बल्कि विभिन्न फसलों का उत्पादन भी बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। इस बार मध्यवर्ती एवं पूर्वी विषुवतीय प्रशांत महासागर की सतह का तापमान हद से ज्यादा बढ़ रहा है इसलिए अल नीनो की अवधि लम्बी हो सकती है। प्रमुख निगरानी क्षेत्रों में तापमान अल नीनो के आधार स्तर से 2 डिग्री सेल्सियस ऊंचा रह सकता है।
