साप्ताहिक समीक्षा- चीनी
01-Nov-2025 07:37 PM
कम कोटे की प्रतिक्रिया में चीनी का भाव तेज
नई दिल्ली। पीक त्यौहारी सीजन समाप्त होने तथा गुड़ की आपूर्ति बढ़ने से चीनी दाम में नरमी आने की संभावना व्यक्त की जा रही थी लेकिन सरकार द्वारा नवम्बर माह के लिए घरेलू बिक्री का कम कोटा नियत किए जाने की प्रतिक्रिया में बाजार कुछ सुधर गया।
चीनी कोटा
केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने नवम्बर 2025 के लिए महज 20 लाख टन चीनी का फ्री सेल कोटा निर्धारित किया है जो अक्टूबर के कोटा 24 लाख टन से 4 लाख टन तथा नवम्बर 2024 के लिए नियत कोटा 22 लाख टन से 2 लाख टन कम है। गन्ना की क्रशिंग एवं चीनी के उत्पादन का सीजन भी आरंभ हो चुका है।
मिल डिलीवरी भाव
25 से 31 अक्टूबर वाले सप्ताह के दौरान चीनी के मिल डिलीवरी मूल्य एवं हाजिर बाजार भाव में आमतौर पर तेजी-मजबूती देखी गई मगर कहीं-कहीं इसमें नरमी भी रही। दरम्यान चीनी का मिल डिलीवरी मूल्य पूर्वी उत्तर प्रदेश में 5 रुपए, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 80 रुपए, मध्य प्रदेश में 30 रुपए, बिहार में 70 रुपए तथा गुजरात में 10-20 रुपए प्रति क्विंटल तेज रहा मगर पंजाब में 20 रुपए प्रति क्विंटल घट गया।
हाजिर भाव
इसी तरह चीनी का हाजिर बाजार भाव दिल्ली में 40 रुपए घटकर 4300/4460 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया लेकिन इंदौर में 60 रुपए तक उछलकर 4270/4340 रुपए प्रति क्विंटल, रायपुर में 10 रुपए सुधरकर 4230/4300 रुपए प्रति क्विंटल तथा कोलकाता में 20 रुपए बढ़कर 4330/4400 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। मुम्बई (वाशी मार्केट) में चीनी का दाम 3930/4070 रुपए प्रति क्विंटल तथा नाका पोर्ट डिलीवरी मूल्य 3880/4020 रुपए प्रति क्विंटल के पूर्व स्तर पर स्थिर रहा।
टेंडर
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान चीनी के टेंडर मूल्य में भी अच्छी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। यह टेंडर मूल्य महाराष्ट्र में 50-100 रुपए उछलकर 3815/3970 रुपए प्रति क्विंटल तथा कर्नाटक में 45 रुपए तक बढ़कर 3970 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया।
उत्पादन
हालांकि पिछले सीजन की तुलना में चालू सीजन के दौरान चीनी के घरेलू उत्पादन में भारी बढ़ोत्तरी होने का अनुमान लगाया जा रहा है मगर लागत खर्च में वृद्धि होने से इसके दाम में ज्यादा नरमी आना मुश्किल लगता है। गन्ना से एथनॉल का उत्पादन कम होने वाला है।
