साप्ताहिक समीक्षा- चीनी

31-Jan-2026 07:51 PM

मासांत की लिवाली से चीनी के दाम में सुधार 

नई दिल्ली। पिछले कुछ सप्ताहों से चीनी के मिल डिलीवरी मूल्य एवं हाजिर बाजार भाव में नरमी का माहौल बना हुआ था लेकिन जनवरी 2026 के अंतिम सप्ताह में यानी 24-30 जनवरी के दौरान मासांत की लिवाली से इसके दाम में सुधार आ गया। सरकार ने फरवरी 2026 के लिए 22.50 लाख टन चीनी की घरेलू बिक्री का कोटा निर्धारित किया है जो जनवरी के कोटे से 50 हजार टन ज्यादा है। 
मिल डिलीवरी भाव 
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान चीनी के मिल डिलीवरी मूल्य में पूर्वी उत्तेर प्रदेश में 40 रुपए प्रति क्विंटल पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 65 रुपए, पंजाब में 70 रुपए एवं मध्य प्रदेश में 155 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज की गई। हालांकि बिहार में मिल डिलीवरी मूल्य 4145/4311 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर रहा मगर गुजरात में 50 रुपए तक बढ़कर 3785/3891 रुपए प्रति क्विंटल हो गया।  
हाजिर भाव 
चीनी का हाजिर बाजार भाव दिल्ली में 55 रुपए की वृद्धि के साथ 4300/4475 रुपए प्रति क्विंटल तथा इंदौर में 10-20 रुपए सुधरकर 4020/4080 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा मगर रायपुर में यह 3980/4050 रुपए प्रति क्विंटल तथा कोलकाता में 4200/4350 रुपए प्रति क्विंटल के पिछले स्तर पर ही बरकरार रहा। 
मुम्बई 
मुम्बई (वाशी) में चीनी का हाजिर भाव 20 रुपए बढ़कर 3820/4020 रुपए प्रति क्विंटल हो गया और नाका पोर्ट डिलीवरी मूल्य भी 20 रुपए सुधरकर 3770/3970 रूपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। महाराष्ट्र में चीनी के टेंडर मूल्य में भी सुधार आया और यह 45 रुपए तक बढ़कर 3650/3795 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा। कर्नाटक में मिश्रित रुख देखा गया।  
चीनी कोटा 
फरवरी माह के लिए कर्नाटक में चीनी के फ्री सेल कोटे में कटौती की गई है जबकि महाराष्ट्र में कोटा बढ़ाया गया है। इन दोनों प्रांतों में चीनी का टेंडर मूल्य उसके लागत खर्च से काफी नीचे चल रहा है जिससे मिलों को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है फरवरी में तापमान बढ़ने पर चीनी की औद्योगिक मांग बेहतर रहने की उम्मीद है जिससे कीमतों में कुछ सुधार आ सकता है। चीनी का एक्स फैक्टरी न्यूनतम बिक्री मूल्य पांच साल से नहीं बढ़ाया गया है।