साप्ताहिक समीक्षा-गेहूं
13-Jul-2024 03:47 PM
ओएमएसएस में बिक्री की संभावना से गेहूं के दाम पर दबाव
नई दिल्ली । केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने एक तरफ गेहूं पर स्टॉक सीमा लागू कर रखा है तो दूसरी ओर खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत इसकी बिक्री भी आरंभ करने का निर्णय लिया है। इसके लिए गेहूं का आरक्षित मूल्य नियत कर दिया गया है जो 1 अगस्त से प्रभावी हो जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि भारतीय खाद्य निगम द्वारा अगस्त के प्रथम सप्ताह से गेहूं की सप्ताहिक ई-नीलामी की प्रक्रिया आरंभ कर दी जाएगी।
दिल्ली
सरकारी एजेंसियों के कारण 6 से 12 जुलाई वाले सप्ताह के दौरान गेहूं के थोक मंडी भाव पर दबाव बढ़ गया और इसमें गिरावट आ गई। दिल्ली में यूपी / राजस्थान के गेहूं का दाम 20 रुपए नरम पड़कर 2660/2670 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। गुजरात के राजकोट में यह 100 रुपए टूट गया।
मध्य प्रदेश
इसी तरह मध्य प्रदेश की विभिन्न मंडियों में गेहूं के दाम में गिरावट आई। वहां इसका भाव इंदौर में 50 रुपए गिरकर 2500/3100 रुपए प्रति क्विंटल तथा देवास में 300 रुपए लुढ़ककर 2500/3300 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। डबरा में भी 50 रुपए की नरमी रही। राज्य की अन्य मंडियों में गेहूं का भाव पिछले स्तर पर ही कायम रहा या इसमें मामूली घट-बढ़ हुई।
राजस्थान
राजस्थान में गेहूं का दाम कोटा मंडी में 76 रुपए घटकर 2450/2600 रुपए प्रति क्विंटल पर आया लेकिन बारां एवं बूंदी में कुछ सुधर गया। उत्तर प्रदेश की मंडियों में सीमित आवक के बावजूद गेहूं का मूल्य नरम रहा। समझा जाता है कि फ्लोर मिलर्स एवं प्रोसेसर्स का ध्यान सरकारी गेहूं पर केन्द्रित हो गया है। वैसे खाद्य निगम का गेहूं भी इस बार ज्यादा सस्ता नहीं पड़ेगा क्योंकि एक तो इसका रिजर्व मूल्य एफएक्यू के लिए 2325 रुपए प्रति क्विंटल तथा यूआरएस के लिए 2300 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया गया है जो सरकारी समर्थन मूल्य 2275 रुपए प्रति क्विंटल से ऊंचा है और दूसरे, इसमें किराया भाड़ा अलग से जोड़ा जाएगा। एक ओर खास बात यह है कि इस बार पिछले सीजन के स्टॉक की बिक्री भी इसी दाम पर होगी जबकि उस समय समर्थन मूल्य 2125 रुपए प्रति क्विंटल ही नियत हुआ था।
