साप्ताहिक समीक्षा- गेहूं

01-Nov-2025 07:43 PM

मांग एवं आपूर्ति के आधार पर गेहूं बाजार में उतार-चढ़ाव  

नई दिल्ली। गेहूं की आपूर्ति का ऑफ सीजन चल रहा है और सरकारी स्टॉक की बिक्री भी आरंभ नहीं हुई है लेकिन इसके बावजूद बाजार में कोई जोरदार उठा-पटक नहीं देखी जा रही है। मांग एवं आपूर्ति के आधार पर 25-31 अक्टूबर वाले सप्ताह के दौरान गेहूं के दाम में कहीं 100 रुपए प्रति क्विंटल तक की तेजी रही तो कहीं 25-50 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट आ गई। 
दिल्ली / एमपी 
दिल्ली में गेहूं का दाम 2800/2830 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर रहा और इंदौर में भी 2500/3200 रुपए प्रति क्विंटल के मूल्य स्तर में कोई बदलाव नहीं देखा गया। लेकिन गुजरात के राजकोट और मध्य प्रदेश के देवास में 100-100 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी रही। खंडवा में भाव 50 रुपए सुधर गया। राजस्थान में मिश्रित रुख रहा। वहां गेहूं का भाव कोटा मंडी में 50 रुपए सुधरकर 2450/2700 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा मगर बूंदी में 75 रुपए घटकर 2475/2500 रुपए प्रति क्विंटल रह गया।
उत्तर प्रदेश  
उत्तर प्रदेश की मंडियों में गेहूं के दाम में 5 से 20 रुपए प्रति क्विंटल तक की गिरावट दर्ज की गई और महाराष्ट्र की जालना मंडी भी 50 रुपए टूट गई। अधिकांश मंडियों में गेहूं का भाव नीचे में  घटकर न्यूनतम सर्मथन मूल्य के आसपास आ गया है जो सीजन के इस मुकाम के लिए आश्चर्जनक प्रतीत होता है। इस समय बाजार आमतौर पर काफी ऊंचा रहता है। 
एमएसपी 
केन्द्र सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2024-25 सीजन के 2425 रुपए प्रति क्विंटल से 160 रुपए बढ़ाकर 2025-26 सीजन के लिए 2585 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है जबकि मध्य प्रदेश सरकार ने इससे ऊपर किसानों को 115 रुपए  प्रति क्विंटल की अतिरिक्त सब्सिडी देने की घोषणा की है। 
बोआई 
गेहूं की बोआई आरंभ हो चुकी है और अब इसकी रफ्तार बढ़ने की उम्मीद है। सरकार के पास गेहूं का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। नवम्बर से मार्च तक की अवधि में गेहूं का दाम आमतौरपर मजबूत रहता है। गेहूं पर स्टॉक सीमा लागू है।