साप्ताहिक समीक्षा- गेहूं

17-Jan-2026 07:59 PM

मांग एवं आपूर्ति के अनुरूप गेहूं के दाम में उतार-चढ़ाव  

नई दिल्ली। भारतीय खाद्य निगम में 14 जनवरी को एक लाख टन की बिक्री के ऑफर के साथ गेहूं में खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) की दोबारा चालू कर दिया जिसे दिसम्बर में स्थगित कर दिया गया था। जनवरी में ई-नीलामी के तहत गेहूं की खरीद में मिलर्स-प्रोसेसर्स ने अच्छी दिलचस्पी दिखाई जिससे     आगे भी इसकी प्रक्रिया जारी रखे जाने की उम्मीद है। खुली मंडियों में गेहूं की लगभग सामान्य आपूर्ति हो रही है। 
मांग / आपूर्ति 
10-16 जनवरी वाले सप्ताह के दौरान मांग एवं आपूर्ति के अनुरूप गेहूं के दाम में कहीं तेजी तो कहीं मंदी देखी गई। दिल्ली में भाव 30 रुपए गिरकर 2850/2870 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। गुजरात के राजकोट और मध्य प्रदेश के देवास में गेहूं का दाम 100-100 रुपए प्रति क्विंटल घट गया। राजस्थान के कोटा में भी 40 रुपए की नरमी रही। 
मध्य प्रदेश 
दूसरी ओर मध्य प्रदेश के इंदौर, डबरा एवं उज्जैन में गेहूं के दाम में 25 से 100 रुपए प्रति क्विंटल तक की तेजी दर्ज की गई। उत्तेर प्रदेश की मंडियों में भी आमतौर पर भाव 65 से 70 रुपए प्रति क्विंटल तक बढ़ गया। महाराष्ट्र की जालना मंडी स्थिर रही। 
बिजाई 
रबी सीजन के सबसे प्रमुख खाद्यान्न गेहूं की बिजाई समाप्त हो चुकी है और इसका उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 328.00 लाख हेक्टेयर से 6.13 लाख हेक्टेयर बढ़कर इस बार 334.17 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जो पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 312.35 लाख हेक्टेयर से करीब 22 लाख हेक्टेयर ज्यादा है। 
एमएसपी 
सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 160 रुपए बढ़ाकर 2585 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। बिजाई क्षेत्र में वृद्धि तथा मौसम की अनुकूल स्थिति के कारण इस बार गेहूं  का उत्पादन बढ़कर एक नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान है। 
आवक 
10-16 जनवरी वाले सप्ताह के दौरान दिल्ली में गेहूं की दैनिक आवक 3000 से 6000 बोरी के बीच दर्ज की गई। इस बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत केन्द्र सरकार ने मिलर्स / प्रोसेसर्स को 5 लाख टन गेहूं उत्पादों के निर्यात की अनुमति प्रदान कर दी है जिससे गेहूं का भाव कुछ मजबूत होने की उम्मीद है।