साप्ताहिक समीक्षा- गेहूं
24-Jan-2026 07:32 PM
खरीदारों की कम सक्रियता से गेहूं का भाव नरम
नई दिल्ली। घरेलू थोक मंडियों में आवक की स्थिति सामान्य रहने भारतीय खाद्य निगम द्वारा खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) को दोबारा चालू करने, स्टॉक सीमा का आदेश कायम रहने तथा फ्लोर मिलर्स एवं प्रोसेसर्स के पास स्टॉक उपलब्ध होने से 17-23 जनवरी वाले सप्ताह के दौरान गेहूं में कारोबार कमजोर देखा गया जिससे इसकी कीमतों में 50-100 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई। लेकिन इंदौर में भाव 200 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ गया।
दिल्ली
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान दिल्ली में गेहूं का दाम 65 रुपए की गिरावट के साथ 2800/2820 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। मध्य प्रदेश की मंडियों में 30 से 70 रुपए प्रति क्विंटल तक की नरमी रही। राजस्थान को बूंदी मंडी में दाम 80 रुपए घटकर 2450/2520 रुपए तथा उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में 70 रुपए गिरकर 2630 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। उत्तर प्रदेश की अन्य प्रमुख मंडियों में भी गेहूं के मूल्य में 50 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट आई। महाराष्ट्र की जालना मंडी भी 50 रुपए कमजोर रही। प्रमुख उत्पादक राज्यों की मंडियों में कारोबार कम हुआ।
बिजाई
रबी सीजन के सबसे प्रमुख खाद्यान्न- गेहूं की बिजाई समाप्त हो चुकी है और इसका क्षेत्रफल गत वर्ष के 328.04 लाख हेक्टेयर से 6.13 लाख हेक्टेयर उछलकर इस बार 334.17 लाख हेक्टेयर के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया जो पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 312.35 लाख हेक्टेयर से भी करीब 22 लाख हेक्टेयर ज्यादा है। मौसम की हालत अनुकूल होने से इस बार गेहूं का उत्पादन बढ़कर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाने की उम्मीद है।
एमएसपी
गेहूं का सरकारी समर्थन मूल्य इस बार बढ़ाकर 2585 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है जो पिछले सीजन के समर्थन मूल्य 2425 रुपए प्रति क्विंटल से 160 रुपए ज्यादा है। सरकारी गोदामों में गेहूं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और घरेलू प्रभाग में भी इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम बनी हुई है।
रिकॉर्ड उत्पादन
आगामी रिकॉर्ड उत्पादन की उम्मीद को देखते हुए किसान तथा स्टॉकिस्ट अपने पुराने स्टॉक को खाली करने की कोशिश कर रहे हैं। 17-23 जनवरी वाले सप्ताह के दौरान दिल्ली में रोजाना 3 से 6 हजार बोरी के बीच गेहूं की आवक हुई जबकि कोटा में यह 4 से 8 हजार बोरी के बीच दर्ज की गई।
