साप्ताहिक समीक्षा- गेहूं
31-Jan-2026 07:57 PM
शानदार उत्पादन की उम्मीद से गेहूं बाजार पर दबाव
नई दिल्ली। पश्चिमोत्तर भारत के शीर्ष उत्पादक राज्यों उत्तर प्रदेश, पंजाब राजस्थान में हाल की वर्षा एवं ठंडे मौसम से गेहूं की फसल को काफी राहत मिली है। राष्ट्रीय स्तर पर इसका बिजाई क्षेत्र भी गत वर्ष के 328 लाख हेक्टेयर से उछलकर इस बार 334 लाख हेक्टेयर के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। इससे देश में इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न का उत्पादन एक बार फिर शानदार होने के आसार हैं।
स्टॉक बिक्री
किसान और व्यापारी अपने पिछले स्टॉक को बेचने में अच्छी रूचि दिखा रहे हैं। गेहूं पर स्टॉक सीमा लागू है और भारतीय खाद्य निगम द्वारा खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत अपने स्टॉक से गेहूं की बिक्री के लिए दोबारा ई-नीलामी की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। मिलर्स-प्रोसेसर्स के पास भी गेहूं का सामान्य स्टॉक मौजूद है।
दिल्ली
24-30 जनवरी वाले सप्ताह के दौरान दिल्ली में गेहूं का भाव 30 रुपए गिरकर 2770/2790 रुपए प्रति क्विंटल, उत्तर प्रदेश के डबरा में 45 रुपए घटकर 2500/2580 रुपए प्रति क्विंटल उज्जैन में 25 रुपए गिरकर 2375/3000 रुपए प्रति क्विंटल तथा इटारसी में 10 रुपए फिसलकर 2460/2520 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया।
राजस्थान / उत्तर प्रदेश
लेकिन राजस्थान के कोटा में 15 रुपए एवं बूंदी में 20 रुपए प्रति क्विंटल का सुधार दर्ज किया गया। उत्तर प्रदेश की मंडियों में सीमित कारोबार होने से गेहूं 25-30 रुपए प्रति क्विंटल नरम रहा। उधर महाराष्ट्र की जालना मंडी में गेहूं का दाम 150 रुपए लुढ़ककर 2500/2600 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया।
उत्पादन
पिछले साल की तुलना में मौजूदा रबी सीजन के दौरान मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा एवं गुजरात में गेहूं के उत्पादन क्षेत्र में इजाफा हुआ है जबकि उत्तर प्रदेश, पंजाब और बिहार जैसे राज्यों में रकबा घट गया है।
एमएसपी
सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2024-25 सीजन के 2425 रुपए प्रति क्विंटल से 160 रुपए बढ़ाकर 2025-26 सीजन के लिए 2585 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। यदि उत्पादन नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचता है तो किसानों की आमदनी में अच्छी बढ़ोत्तरी हो। वैसे फरवरी-मार्च का मौसम गेहूं की फसल के लिए निर्णायक साबित होने वाला है।
