साप्ताहिक समीक्षा- लालमिर्च

17-Jan-2026 08:27 PM

लालमिर्च का उत्पादन कम : कीमतों में अधिक मंदा नहीं 

नई दिल्ली। चालू सप्ताह के दौरान लालमिर्च के भाव तेजी के साथ बोले गए। क्योंकि उत्पादक केन्द्रों पर पुराने मालों का स्टॉक हल्की क्वालिटी का रह जाने एवं नए मालों की आवक आशानुरूप न बढ़ने के कारण अच्छी क्वालिटी की लिवाली अच्छी रही। जिस कारण से चालू सप्ताह के शुरू में गुंटूर एवं खम्मम मंडी में तेजा क्वालिटी का भाव 200/300 रुपए प्रति क्विंटल तेजी के साथ बोला गया। उल्लेखनीय है कि चालू सप्ताह के दौरान मकर संक्रांति एवं पोंगल का त्यौहार होने के कारण 3 दिन का मंडियों में अवकाश रहा। विगत दो वर्षों के उत्पादों को उनकी उपज का उचित मूल्य न मिलने के कारण उत्पादक केन्द्रों पर लालमिर्च की बिजाई घटती जा रही है। प्रमुख उत्पादक राज्य आंध्र प्रदेश में लालमिर्च की बिजाई चालू सीजन के दौरान 259119 एकड़ पर की गई है जबकि वर्ष 2024 में बिजाई का क्षेत्रफल 363539 एकड़ का रहा था। वर्ष 2023 में बिजाई 571722 एकड़ पर हुई थी। यही स्थिति तेलंगाना की रही। चालू सीजन के दौरान तेलंगाना में लालमिर्च की बिजाई 138460 एकड़ पर हुई है जबकि वर्ष 2024 में 222370 एकड़ एवं वर्ष 2023 में 341326 एकड़ पर की गई थी। मध्य प्रदेश में भी इस वर्ष बिजाई 50 प्रतिशत तक घटी है। कर्नाटक में भी बिजाई का क्षेत्रफल गत वर्ष की तुलना में 40 प्रतिशत कम रहने के समाचार मिले है। 
आवक
प्राप्त जानकारी के अनुसार आंध्र प्रदेश की प्रमुख मंडी गुंटूर में नए मालों की आवक 20/25 हजार बोरी की हो गई है। जबकि हैदराबाद में आवक 2000/2500 बोरी की हो रही है। खम्मम मंडी में नए मालों की आवक 7/8 हजार बोरी एवं वारंगल में 2000/3000 बोरी की आवक शुरू हो चुकी है। सूत्रों का कहना है कि आगामी सप्ताह से मंडियों में आवक बढ़नी शुरू हो जाएगी। 
उत्पादन कम
कमजोर बिजाई एवं प्रतिकूल मौसम के चलते चालू सीजन के दौरान आंध्र प्रदेश में लालमिर्च का उत्पादन 1.25 करोड़ बोरी के आसपास होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं जबकि गत वर्ष उत्पादन डेढ़ करोड़ बोरी का माना गया था। वर्ष 2023 में उत्पादन 2 करोड़ बोरी होने के अनुमान लगाए गए थे। लालमिर्च का उत्पादन कम रहा। और उत्पादन 18/20 लाख बोरी रहने के समाचार है जबकि गत वर्ष उत्पादन लगभग 30 लाख बोरी का माना गया था। सूत्रों का कहना है कि कुल उत्पादन का लगभग 80/85 प्रतिशत माल मध्य प्रदेश की मंडियों में आ चुका है। 
मन्दा तेजी 
जानकार सूत्रों का कहना है कि लालमिर्च की कीमतों में अधिक मंदे की संभावना नहीं है। क्योंकि पैदावार कम है। लेकिन आगामी दिनों में नए सूखे मालों की आवक बढ़ने पर कीमतों में अल्पकाल के लिए गिरावट आ सकती है। आवक घटने के साथ ही कीमतों में फिर तेजी शुरू हो जाएगी। सूत्रों का मानना है कि वर्ष 2026 के दौरान लालमिर्च तेजा का भाव 200 रुपए का स्तर छू सकता है। वर्तमान में गुंटूर मंडी में लालमिर्च तेजा का भाव 152/154 रुपए बोला जा रहा है।  
निर्यात 
चालू वित्त वर्ष 2025-26 के प्रथम साल में लालमिर्च का निर्यात मात्रात्मक 31 प्रतिशत बढ़ा है जबकि अन्य में 9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-अक्टूबर- 2025 के दौरान लालमिर्च का निर्यात 432436 टन का किया गया। और निर्यात से प्राप्त आय 5886 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल-अक्टूबर- 2024 के दौरान लालमिर्च का निर्यात 220695 टन का हुआ था। और प्राप्त आय 5398.63 करोड़ की रही। वर्ष 2024-25 (अप्रैल-मार्च) के दौरान लालमिर्च का कुल निर्यात 715506 टन का हुआ था और निर्यात से प्राप्त आय 11404.90 करोड़ की रही थी।