साप्ताहिक समीक्षा- सरसों

01-Nov-2025 08:23 PM

ऊंचे दाम पर मांग कमजोर रहने से सरसों में हल्की नरमी 

नई दिल्ली। मौसम की अनुकूल स्थिति, समर्थन मूल्य में वृद्धि एवं मंडियों में ऊंची कीमत से उत्साहित किसान इस बार सरसों की खेती में अच्छी दिलचस्पी दिखा रहे हैं जिससे रबी सीजन की इस सर्वाधिक महत्वपूर्ण तिलहन फसल का रकबा एवं उत्पादन बढ़ने के आसार हैं। मंडियों में इसकी सामान्य आवक हो रही है और मिलर्स तथा व्यापारियों की खरीद की गति थोड़ी धीमी पड़ने से 25-31 अक्टूबर वाले सप्ताह के दौरान इसके दाम में हल्की नरमी दर्ज की गई। 
42% कंडीशन सरसों 
42 प्रतिशत कंडीशन वाली सरसों का भाव दिल्ली में 6900 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर रहा मगर जयपुर में 75 रुपए गिरकर 7100 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। सामान्य औसत क्वालिटी वाली सरसों की कीमत हिसार में 200 रुपए प्रति क्विंटल, चरखी दादरी में 50 रुपए, अलवर में 100 रुपए तथा बूंदी में 50 रुपए प्रति क्विंटल नीचे आ गई। सरसों के सरसों के दाम में सबसे ज्यादा 500 रुपए की गिरावट आगरा में दर्ज की गई। कोलकाता में भी 100 रुपए प्रति क्विंटल की नरमी रही। 
सरसों तेल 
त्यौहारी सीजन समाप्त होने के बाद एक्सपेलर एवं कच्ची घानी सरसों तेल की मांग सामान्य स्तर पर आने से समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान कीमत भी 1-2 रुपए प्रति किलो घट गई। दिल्ली में एक्सपेलर का भाव 15 रुपए गिरकर 1440 रुपए प्रति 10 किलो तथा जयपुर में कच्ची घानी तेल का दाम 15 रुपए गिरकर 1450 रुपए प्रति 10 किलो रह गया। कोटा में यह 20 रुपए घटकर 1490 रुपए प्रति 10 किलो पर आ गया। आगरा में भी इसमें 20 रुपए की गिरावट रही।  
सरसों खल (डीओसी) 
सरसों खल में मांग कमजोर रही लेकिन कुछ क्षेत्रों में अच्छा कारोबार हुआ। इसके फलस्वरूप कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया। दिल्ली में इसका भाव 200 रुपए उछलकर 3350 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा लेकिन एक प्लांट ने भाव 100 रुपए घटा दिया। सरसों डीओसी में निर्यातकों की अच्छी मांग देखी गई। 
बिजाई प्रक्रिया 
सरसों की बिजाई जोर शोर से जारी है और आगामी कई सप्ताहों तक बरकऱार रहने की संभावना है। थोड़ी-बहुत नरमी आने के बावजूद सरसों का थोक मंडी भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से काफी ऊंचा चल रहा है।