साप्ताहिक समीक्षा-सरसों

04-Apr-2026 07:17 PM

मांग मजबूत रहने से सरसों की कीमतों में वृद्धि 

नई दिल्ली। प्रमुख उत्पादक राज्यों की महत्वपूर्ण मंडियों में नई सरसों की जोरदार आवक हो रही है और मिलर्स तथा व्यापारियों की भारी खरीद से इसका दाम भी ऊंचा एवं तेज चल रहा है। किसानों को बेहतर आमदनी प्राप्त हो रही है।
रिकॉर्ड आवक 
मोटे अनुमान के अनुसार मार्च माह के दौरान देश भर की मंडियों में लगभग 19 लाख टन सरसों की रिकॉर्ड आवक हुई जिससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि उत्पादकों को आकर्षक वापसी हासिल हुई। थोक मंडी भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊंचा होने के कारण सरकारी एजेंसियों को सरसों खरीदने का अवसर नहीं मिल रहा है। 
42% कंडीशन सरसों 
28 मार्च से 3 अप्रैल वाले सप्ताह के दौरान 42 प्रतिशत कंडीशन वाली सरसों का दाम दिल्ली तथा जयपुर में 100-100 रुपए बढ़ कर क्रमश: 7100 रुपए एवं 7450 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। इसी तरह सामान्य औसत क्वालिटी टी वाली सरसों की कीमतों में भी 100 से 300 रुपए प्रति क्विंटल तक की तेजी दर्ज की गई। 
हरियाणा / एमपी 
हरियाणा की सिरसा मंडी में भाव 500 रुपए उछलकर 6500 रुपए प्रति क्विंटल, राजस्थान के कोटा में 400 रुपए उछलकर 6000/7300 रुपए प्रति क्विंटल और मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 300 रुपए बढ़कर 6800/7000 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। अन्य अधिकांश मंडियों में सरसों के दाम में 100 से 200 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज की गई। 
सरसों तेल 
सरसों की ऊंची कीमतों के कारण एक्सपेलर और कच्ची घानी सरसों तेल का भाव 2-4 रुपए प्रति किलो बढ़ गया। कोटा में कच्ची घानी सरसों तेल का दाम 130 रुपए उछलकर 1600 रुपए प्रति 10 किलो पर पहुंच गया आगरा में भी 40 रुपए की वृद्धि हुई। दिल्ली में एक्सपेलर का मूल्य 25 रुपए बढ़कर 1495 रुपए प्रति 10 किलो तथा चरखी दादरी में भी 25 रुपए बढ़कर 1485 रुपए प्रति 10 किलो हो गया। 
आवक 
देश भर की मंडियों में 3 अप्रैल को सरसों की आवक बढ़ते हुए 12 लाख बोरी पर पहुंच गई। 2 अप्रैल को भी 11 लाख बोरी की आवक हुई थी। सरसों खल एवं डीओसी के दाम में भी अच्छी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई।