साप्ताहिक समीक्षा-सोयाबीन

24-Jan-2026 07:38 PM

क्रशिंग इकाइयों की अच्छी मांग से सोयाबीन का भाव तेज 

नई दिल्ली। सोयाबीन की कीमतों में तेजी मजबूती के लिए घरेलू तथा वैश्विक  परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। मध्य प्रदेश में भावान्तर भुगतान योजना के तहत सोयाबीन की अच्छी खरीद-बिक्री हो रही है और और महाराष्ट्र तथा राजस्थान में मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत हो रही इसकी सरकारी खरीद की गति तेज होती जा रही है। 
भाव 
उधर वैश्विक बाजार में सोयाबीन तेल का भाव ऊंचा होने तथा रुपए की विनिमय दर काफी घट जाने से क्रूड डीगम सोया तेल का आयात महंगा बैठने लगा है। इसके फलस्वरूप भारतीय रिफाइनर्स विदेशी तेल के आयात में कटौती करके स्वदेशी मिलों से इसकी खरीद को प्राथमिकता देने लगे हैं। 
प्लांट भाव 
17-23 जनवरी वाले सप्ताह के दौरान सोयाबीन का प्लांट डिलीवरी भाव मध्य प्रदेश में 100-200 रुपए बढ़कर 5400-5600 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया जो 5328 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य से भी ऊंचा रहा। महाराष्ट्र में तो यह भी उछलकर ऊंचे में 5700 रुपए प्रति क्विंटल हो गया। राजस्थान में भी 150 रुपए तक की तेजी आई।
सोया तेल (रिफाइंड)  
सोयाबीन की कीमतों में आई अच्छी तेजी के कारण सोया रिफाइंड तेल का दाम भी 1 से 4 रुपए प्रति किलो तक बढ़ गया। हालांकि इसका भाव कोटा में 15 रुपए गिरकर 1335 रुपए प्रति 10 किलो तथा मुम्बई में 20 रुपए घटकर 1300 रुपए प्रति 10 किलो रह गया लेकिन हल्दिया में 20 रुपए बढ़कर 1320 रुपए प्रति 10 किलो तथा कांडला में 50 रुपए उछलकर 1380 रुपए प्रति 10 किलो पर पहुंच गया। 
आवक 
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर मंडियों में 19 जनवरी को 2.40 लाख बोरी, 20 जनवरी को भी 2.40 लाख बोरी तथा 23 जनवरी को 2 लाख बोरी सोयाबीन की आवक हुई।
सोया खल (डीओसी)  
महाराष्ट्र में सोया डीओसी का अच्छा कारोबार हुआ और खासकर पशु आहार तथा पॉल्ट्री फीड उद्योग में इसकी मजबूत मांग देखी गई। इसके फलस्वरूप सोया डीओसी के दाम में 1000-2000 रुपए प्रति टन का सुधार दर्ज किया गया। समझा जाता है कि सोयाबीन की कीमतों में अगले कुछ समय तक तेजी-मजबूती का माहौल बरकरार रह सकता है।