साप्ताहिक समीक्षा- सोयाबीन

31-Jan-2026 08:09 PM

मिलर्स की अच्छी खरीदारी से सोयाबीन के दाम में तेजी बरकरार   

नई दिल्ली। सोयाबीन की कीमतों में तेजी मजबूती का सिलसिला 24-30 जनवरी वाले सप्ताह में भी जारी रहा। क्रशिंग-प्रोसेसिंग इकाइयों की अच्छी लिवाली होने से सोयाबीन तथा प्लांट डिलीवरी मूल्य बढ़कर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से काफी ऊपर पहुंच गया है। 
मध्य प्रदेश 
यह भाव मध्य प्रदेश में 5600-5800 रुपए प्रति क्विंटल, महाराष्ट्र में 5800-5900 रुपए प्रति क्विंटल तथा राजस्थान में 5600 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा जो इसके एमएसपी 5328 रुपए प्रति क्विंटल से काफी ऊंचा है। महाराष्ट्र और राजस्थान में एमएसपी पर सोयाबीन की सरकारी खरीद हो रही थी लेकिन कीमतों में तेजी आने से अब उसकी गति धीमी पड़ गई है।       
सोया तेल (रिफाइंड) 
सोयाबीन का भाव 200-300 रुपए प्रति क्विंटल उछलने से सोया रिफाइंड तेल के दाम में भी 2 से 4 रुपए प्रति किलो तक की वृद्धि हो गई। दरअसल अमरीकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए का भारी अवमूल्यन होने से विदेशी सोया तेल का आयात महंगा बैठ रहा है इसलिए भारत के रिफाइनर्स स्वदेशी क्रूड सोया तेल की खरीद पर विशेष जोर दे रहे हैं। अर्जेन्टीना में भयंकर सूखे का माहौल होने से सोयाबीन की फसल बुरी तरह प्रभावित होने लगी है और इसके उत्पादन अनुमान में कटौती की जाने लगी है। समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान सोया तेल का भाव कोटा में 20 रुपए सुधरकर 1410 रुपए प्रति 10 किलो, कांडला और हल्दिया में 30-30 रुपए बढ़कर क्रमश: 1370 रुपए एवं 1355/1360 रुपए प्रति 10 किलो तथा मुम्बई में 100 रुपए उछलकर 1400 रुपए प्रति 10 किलो पर पहुंच गया। प्रमुख निर्यातक देशों में सोया तेल का भाव मजबूत बना हुआ है और भारतीय बंदरगाहों पर रुपए में इसका दाम ऊंचा बैठ रहा है। कुछ सौदों के कैंसिल होने की सूचना मिल रही है। 
आवक 
प्रमुख उत्पादक राज्यों की थोक मंडियों में 27 जनवरी को 1.75 लाख बोरी एवं 29 जनवरी को 1.35 लाख बोरी सोयाबीन की आवक हुई। प्रत्येक बोरी 100 किलो की होती है। महाराष्ट्र में सोया डीओसी के दाम में 2000 से 4000 रुपए प्रति टन तक की वृद्धि दर्ज की गई।