साप्ताहिक समीक्षा-सोयाबीन

07-Feb-2026 07:54 PM

क्रशिंग प्लांटों की नियमित मांग से सोयाबीन में तेजी बरकरार 

नई दिल्ली। क्रशिंग प्रोसेसिंग इकाइयों में सोयाबीन की अच्छी मांग बनी हुई है क्योंकि सोया तेल एवं सोयामील का भाव हाल के दिनों में तेज हुआ। महाराष्ट्र एवं राजस्थान में सरकारी खरीद होने से भी सोयाबीन का दाम मजबूत हुआ है। मध्य प्रदेश में भावान्तर भुगतान योजना चालू है। विदेशों से सोया तेल का आयात अपेक्षाकृत कम से रहा है और अर्जेन्टीना के कई इलाकों में भयंकर सूखा पड़ने से सोयाबीन फसल के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है। 
प्लांट भाव 
31 जनवरी- 6 फरवरी वाले सप्ताह के दौरान तीनों शीर्ष उत्पादक राज्यों - मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र एवं राजस्थान में सोयाबीन के प्लांट डिलीवरी मूल्य में 100-150 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी रबी जिससे यह बढ़कर 5800-6000 रुपए प्रति क्विंटल के बीच पहुंच गया। सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5328 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित है जबकि पिछले कई दिनों से प्लांट डिलीवरी भाव इससे काफी ऊपर चल रहा है। 
आवक 
मंडियों में सोयाबीन की सीमित आवक हो रही है। राष्ट्रीय स्तर पर 3 और 4 फरवरी को 2.50-2.50 लाख बोरी तथा 6 फरवरी को 2.80 लाख बोरी सोयाबीन की आपूर्ति हुई जबकि प्रत्येक बोरी 100 किलो की होती है।
सोया खल (डीओसी) 
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान महाराष्ट्र में मिश्रित कारोबार के बीच सोया डीओसी की कीमतों में 500 से 1500 रुपए प्रति टन तक का उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया लेकिन फिर भी इसका भाव 45000-46000 रुपए प्रति टन के बीच दर्ज किया गया। ऊंची कीमतों के कारण सोयामील का निर्यात प्रभावित होने की आशंका है। 
सोया तेल (रिफाइंड) 
जहां तक सोया रिफाइंड तेल का सवाल है तो इसके दाम में भी कुछ सुधार देखा गया। इसका भाव कोटा में 10 रुपए बढ़कर 1410 रुपए प्रति 10 किलो हो गया जबकि कांडला एवं हल्दिया में 5-5 रुपए सुधरकर 1365 रुपए प्रति 10 किलो पर पहुंच गया।