साप्ताहिक समीक्षा- धान-चावल

31-Jan-2026 08:37 PM

मिलर्स-प्रोसेसर्स एवं निर्यातकों की मजबूत मांग से धान चावल में तेजी 

नई दिल्ली। प्रमुख उत्पादक राज्यों की थोक मंडियों में खरीफ कालीन धान और खासकर बासमती की आवक घटने लगी है जबकि घरेलू एवं  वैश्विक बाजार में चावल की मांग मजबूत बनी हुई है। मिलर्स-प्रोसेसर्स एवं निर्यातक मंडियों में धान की खरीद में अच्छी सक्रियता दिखा रहे हैं। इसके फलस्वरूप 24-30 जनवरी वाले सप्ताह के दौरान विभिन्न किस्मों एवं श्रेणियों के धान की कीमतों में 100-200 रुपए प्रति क्विंटल का इजाफा दर्ज किया गया। आगे इसमें कुछ और तेजी आने की उम्म्मीद की जा रही है। 
दिल्ली 
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान दिल्ली की नरेला मंडी में 8000-8500 बोरी तथा नजफगढ़ मंडी में 4-5 हजार बोरी धान की दैनिक आवक हुई और अच्छी लिवाली के सहारे कीमतों में 120-150 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि दर्ज की गई। इसी तरह छत्तीसगढ़ की भाटापाड़ा एवं राजिम मंडियों क्रमश: 4000-4500 हजार बोरी एवं 600-1000 बोरी के बीच धान की रोजाना आवक हुई और कीमतों में 100 रुपए प्रति क्विंटल का सुधार देखा गया। 
उत्तर प्रदेश 
उत्तर प्रदेश की एटा, मैनपुरी, जहांगीराबाद, शाहजहांपुर, अलीगढ़ एवं खैर मंडी तथा राजस्थान की कोटा एवं बूंदी मंडी में धान की अच्छी आवक हो रही है और कारोबार भी बेहतर हो रहा है। इससे भाव मजबूत बने हुए है।  
चावल 
जहां तक चावल का सवाल है तो इसकी निर्यात मांग बढ़ने लगी है। पश्चिम एशिया, मध्य-पूर्व एवं खाड़ी क्षेत्र के मुस्लिम बहुल देशों में खासकर बासमती चावल में रमजान की जोरदार मांग निकलने की संभावना है। उधर अफ्रीकी देशों में चावल का पुराना स्टॉक घटने लगा है जिससे नई मांग निकल रही है। रुपया के कमजोर पड़ने से विदेशी खरीदारों के लिए भारतीय चावल काफी आकर्षक हो गया है। विभिन्न मार्केट में निर्यातक चावल का स्टॉक बनाने का प्रयास कर रहे हैं जिससे इसके दाम में 24-30 जनवरी वाले सप्ताह के दौरान 100 से 300 रुपए प्रति क्विंटल तक की तेजी दर्ज की गई।