साप्ताहिक समीक्षा- धनिया
31-Jan-2026 08:25 PM
नुकसान के समाचारों से धनिया में तेजी
नई दिल्ली। चालू सप्ताह के दौरान धनिया की कीमतों में मजबूती रही। वायदा एवं हाजिर बाजार तेजी के साथ बोले गए। उल्लेखनीय है कि राजस्थान एवं मध्य प्रदेश में हुई बारिश में फसल को नुकसान होने के समाचार मिल रहे हैं लेकिन गुजरात में फसल की स्थिति अच्छी है गुजरात की मंडियों में नए मालों की आवक धीरे-धीरे बढ़ने लगी है मध्य प्रदेश एवं राजस्थान की मंडियों में नए धनिया की आवक फरवरी माह में शुरू हो जाने के समाचार है। उप्तादक केन्द्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार इस वर्ष सभी उत्पादक राज्यों में धनिया की बिजाई में कमी आई है और वर्तमान में हुई बारिश से भी फसल को नुकसान होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। जिस कारण अभी कीमतों में मंदे के आसार नहीं है लेकिन फरवरी-मार्च माह में मंडियों में नए मालों की आवक का दबाव बनने पर कीमतों में गिरावट संभव है लेकिन अधिक नहीं। क्योंकि लगातार घटता स्टॉक एवं नई फसल दूसरे वर्ष भी कम रहने के कारण माल की सप्लाई प्रभावित होगी। जोकि कीमतों को अधिक नहीं घटने देगी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 के दौरान देश में धनिया की बिजाई 3.64 लाख हेक्टेयर पर की गई थी जोकि वर्ष 2025 में घटकर 3.37 लाख हेक्टेयर की रह गई। चालू सीजन के दौरान बिजाई क्षेत्रफल में कमी आने के समाचार मिल रहे हैं।
उत्पादन अनुमान
कमजोर बिजाई के कारण चालू सीजन के दौरान देश में धनिया का उत्पादन लगभग 90 लाख बोरी होने की संभावना है जबकि वर्ष 2025 में उत्पादन एक करोड़ बोरी का माना गया था। जबकि वर्ष 2023 में उत्पादन 1.60 करोड़ बोरी का स्तर छू गया था। वर्ष 2024 में उत्पादन 1.20 करोड़ बोरी का माना गया। था।
स्टॉक कम
लगातार गिरते उत्पादन के कारण धनिया का स्टॉक भी लगातार घट रहा है। एक अनुमान के अनुसार वर्ष 2024 के दौरान नई फसल के समय उत्पादक राज्यों में धनिया का स्टॉक 40/45 लाख बोरी माना गया जोकि वर्ष 2025 में घटकर 32/35 लाख बोरी का रह गया। चालू सीजन के दौरान स्टॉक 20/22 लाख बोरी होने के व्यापारिक अनुमान लगाए जा रहे हैं।
खपत एवं उपलब्धता
जानकार सूत्रों का कहना है कि वर्ष 2026 के दौरान खपत की तुलना में धनिया की कुल उपलब्धता कम रहेगी। उल्लेखनीय है कि हमारी घरेलू खपत एवं निर्यात को मिलाकर धनिया की सालाना खपत लगभग 1.40/1.50 करोड़ बोरी की रहती है लेकिन चालू सीजन के दौरान नई पैदावार एवं बकाया स्टॉक का मिलाकर 1.10/1.15 करोड़ बोरी की रहेगी।
अधिक मंदा नहीं
व्यापारियों का मानना है कि वर्ष 2026 के दौरान धनिया की कीमतों में अच्छी तेजी देखी जा सकती है। वर्तमान में उत्पादक केन्द्रों पर धनिया ईगल का भाव 96/100 रुपए एवं बादामी का भाव 92/95 रुपए प्रति किलो बोला जा रहा है जोकि मंडियों में नए मालों की आवक का दबाव बनने पर भावों में 10/12 रुपए प्रति किलो की गिरावट आ सकती है। इससे अधिक मंदा संभव नहीं है।
निर्यात
चालू वित्त वर्ष 2025-26 के प्रथम आठ माह में धनिया निर्यात में 12 प्रतिशत एवं आय में 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-नवम्बर-2025 में धनिया का निर्यात 42844 टन का किया गया और निर्यात से प्राप्त आय 457.86 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल-नवम्बर 2024 में निर्यात 38314 टन का रहा था और प्राप्त आय 402.14 करोड़ की रही थी। वर्ष 2024-25 के दौरान धनिया का कुल निर्यात 60324 टन का रहा जबकि वर्ष 2023-24 में धनिया का रिकॉर्ड निर्यात 108624 टन का हुआ था।
