सरकारी गेहूं का उठाव उत्साहवर्धक नहीं
09-Feb-2026 11:06 AM
नई दिल्ली। सरकारी एजेंसी- भारतीय खाद्य निगम को खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत अपने स्टॉक से गेहूं बेचने में अपेक्षित सफलता नहीं मिल रही है
क्योंकि एक तो इसका न्यूनतम आरक्षित मूल्य ऊंचा है और दूसरे, मिलर्स / प्रोसेसर्स के पास गेहूं का अच्छा स्टॉक मौजूद है। इसके साथ-साथ खुले बाजार में आपूर्ति भी सामान्य ढंग से हो रही है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 12 नवम्बर 2025 को आयोजित नीलामी में 2 लाख टन गेहूं की बिक्री का ऑफर दिया गया था जिसमें से महज 35 प्रतिशत या करीब 70 हजार टन का ही उठाव किया जा सका।
इसी तरह 26 नवम्बर 2025 को 2 लाख टन के ऑफर के मुकाबले 39 प्रतिशत या 79 हजार टन गेहूं की बिक्री का ऑफर दिया गया था जिसमें से महज 35 प्रतिशत या करीब 70 हजार टन का ही उठाव किया जा सका।
इसी तरह 26 नवम्बर 2025 को 2 लाख टन के ऑफर के मुकाबले 39 प्रतिशत या 79 हजार टन गेहूं की बिक्री हो सकी।
14 जनवरी 2026 को आयोजित नीलामी में स्थिति कुछ बेहतर रही जब सिर्फ एक लाख टन का ऑफर दिया गया और उसमें से 92 हजार टन या 92 प्रतिशत की बिक्री हो गई।
21 जनवरी 2026 की नीलामी में भी स्थिति अच्छी रही जब कुल 1,07,500 टन गेहूं की बिक्री का ऑफर दिया गया और इसमें से 82 प्रतिशत या करीब 89 हजार टन की बिक्री हो गई।
उसके बाद 28 जनवरी 2026 की नीलामी में 1,17,500 टन का ऑफर दिया गया जिसमें से करीब 85 हजार टन या 72 प्रतिशत गेहूं का उठाव हुआ।
अंतिम नीलामी 4 फरवरी को आयोजित हुई जिसमें 1.26 लाख टन के ऑफर के सापेक्ष 83 हजार टन या 66 प्रतिशत गेहूं का उठाव संभव हो सका।
