सरकार द्वारा 5 लाख टन गेहूं उत्पादों के निर्यात की अनुमति

17-Jan-2026 11:30 AM

नई दिल्ली। हालांकि गेहूं तथा इसके मूल्य संवर्धित उत्पादों के व्यापारिक निर्यात पर पिछले कुछ वर्षों से प्रतिबंध लगा हुआ है लेकिन उद्योग-व्यापार क्षेत्र के विशेष आग्रह पर सरकार ने अब 5 लाख टन गेहूं उत्पादों के निर्यात की अनुमति प्रदान कर दी है।

इसके साथ ही आटा, मैदा, सूजी (रवा / सिरगी) होलमील आटा तथा रिजल्टेंट आटा आदि के निर्यात शिपमेंट का रास्ता साफ हो गया है।

हालांकि फ्लोर मिलर्स / प्रोसेसर्स द्वारा सरकार से 10 लाख टन गेहूं उत्पादों के निर्यात की मंजूरी देने का आग्रह किया गया था लेकिन फिलहाल इसके 5 लाख टन का कोटा ही निर्धारित किया गया है। साबुत गेहूं के निर्यात पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। 

दरअसल सरकार के पास गेहूं का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और घरेलू मंडियों में भी इसकी आवक सामान्य बनी हुई है। इसके अलावा गेहूं का अगला उत्पादन भी बम्पर होने की उम्मीद है।

गेहूं उत्पादों के घरेलू बाजार भाव में नरमी या स्थिरता का माहौल बना हुआ है। इन सब परिस्थियों को देखते हुए सरकार को 5 लाख टन गेहूं उत्पादों के निर्यात की स्वीकृति देने का निर्णय लेने में ज्यादा कठिनाई नहीं हुई। 

गेहूं उत्पादों के निर्यात के लिए कुछ नियम एवं तौर-तरीके निर्धारित किए गए हैं निर्यात की अनुमति उन फ्लोर मिलर्स / प्रोसेसर्स को दी जाएगी जिसके पास वैध आईईसी और एफएसएसएआई का लाइसेंस होगा। राइस मिलर्स / प्रोसेसर्स को ऑनलाइन आवेदन करना पड़ेगा।

आवेदन के प्रथम चरण की समय सीमा 21 से 31 जनवरी 2026 तक निर्यात की गई है। इसके बाद प्रत्येक माह के आखिरी दस दिनों में आवेदन आमंत्रित किए जायेंगे। जब तक 5 लाख टन गेहूं उत्पादों के निर्यात के लिए आवेदन प्राप्त हो जाएगा तब तक इसकी प्रक्रिया जारी रहेगी।

निर्यात का प्राधिकार एक बार जारी होने के बाद छह माह तक वैध रहेगा और इसकी अवधि आगे बढ़ाने के किसी आग्रह पर विशेष ईएफसी द्वारा विचार किया जा सकता है। निर्यात प्राधिकार प्राप्त करने के लिए मिलर्स / प्रोसेसर्स को कुछ आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करना पड़ेगा।