स्टॉक सीमा लागू होने तथा हटने के दौरान काबुली चना के दाम में रहा अंतर

30-Jul-2024 04:37 PM

इंदौर (भारती एग्री एप्प)। केन्द्र सरकार ने 20 जून 2024 को तुवर एवं देसी चना के साथ-साथ काबुली चना पर भी भंडारण सीमा का आदेश लागू कर दिया था।

उस समय इसका भाव इंदौर में नीचे में 9500 रुपए एवं ऊंचे में 10,400 रुपए प्रति क्विंटल तथा देवास में क्रमश: 8000 रुपए और 9900 रुपए प्रति क्विंटल चल रहा था।

कंटेनर में 40/42 काउंट का स्पॉट मूल्य इंदौर में 12,300 रुपए प्रति क्विंटल एवं 44/46 काउंट का 12,100 रुपए प्रति क्विंटल पर था। 

व्यापारियों एवं निर्यातकों की जोरदार मांग तथा विभिन्न दलीलों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 11 जुलाई 2024 को काबुली चना पर भंडारण सीमा के आदेश को वापस ले लिया।

इसके साथ ही इसका भाव इंदौर में सुधरकर नीचे में 9000 रुपए तथा ऊपर में 10,700 रुपए प्रति क्विंटल और देवास में नीचे में 9000 रुपए तथा ऊंचे में 11,500 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया।

इंदौर में कंटेनर में स्पॉट मूल्य 40/42 काउंट वाले काबुली चना का 13,300 रुपए एवं 44/46 काउंट का 13,100 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा। 

30 जुलाई 2024 को काबुली चना (लूज) का भाव इंदौर में ऊंचे में 13,500 रुपए प्रति क्विंटल हो गया जबकि नीचे में 9000 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर रहा।

उधर देवास में इसका दाम नीचे में उछलकर 11,000 रुपए प्रति क्विंटल तथा ऊपर में बढ़कर 12,500 रुपए प्रति क्विंटल हो गया।

कंटेनर में भी काबुली चना का दाम इंदौर में 40/42 काउंट का उछलकर 15,200  रुपए प्रति क्विंटल एवं 44/46 काउंट का बढ़कर 14,800 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। 

इस तरह स्टॉक सीमा के लागू होने (20 जून) तथा हटने (11 जुलाई) के बीच काबुली चना के मूल्य में इंदौर में नीचे में 500 रुपए एवं ऊपर  में 300 रुपए का अंतर (चढ़ाव) रहा।

इसी तरह देवास में भाव नीचे में 1000 रुपए तथा ऊपर में 1600 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ गया। उसी अवधि में इंदौर में कंटेनर में काबुली चना के दाम में 40/42 काउंट के साथ-साथ 44/46 काउंट के लिए भी 1000-1000 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा दर्ज किया गया। 

11 जुलाई से 30 जुलाई 2024 के बीच काबुली चना के भाव में इंदौर में नीचे में तो कोई वृद्धि नहीं हुई मगर ऊपर में 2800 रुपए की भारी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई।

वहां कंटेनर में भी 40/42 काउंट का भाव 1900 रुपए तथा 44/46 काउंट का दाम 1700 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ गया।