शानदार उत्पादन से मक्का का उपयोग एवं स्टॉक बढ़ने का अनुमान
17-Dec-2025 09:18 PM
नई दिल्ली। पिछले कुछ वर्षों से मक्का के घरेलू उत्पादन में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। इसका उत्पादन 2024-25 के सीजन में 316.47 लाख टन आंका गया था जो 2021-22 में बढ़कर 337.30 लाख टन तथा 2022-23 में उछलकर 380.85 लाख टन पर पहुंचने के बाद 2023-24 के सीजन में गिरकर 376 लाख टन रह गया।
इसी तरह इसका उत्पादन 2024-25 में बढ़कर 4200 लाख टन पर पहुंचा जबकि 2025-26 के वर्तमान सीजन में उछलकर 450 लाख टन के शीर्ष स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान है।
2025-26 के मौजूदा मार्केटिंग सीजन के दौरान 14.50 लाख टन के पिछले बकाया स्टॉक, 450 लाख टन के उत्पादन एवं 4 लाख टन के संभावित आयात के साथ घरेलू प्रभाग में मक्का की कुल उपलब्धता बढ़कर 468.50 लाख टन पर पहुँचने की उम्मीद है।
इसमें से 440 लाख टन का घरेलू उपयोग तथा 4 लाख टन सकता है जिससे मार्केटिंग सीजन के अंत में 24.50 लाख टन मक्का का अधिशेष स्टॉक उपलब्ध रहने की संभावना है।
इसके मुकाबले 2024-25 सीजन के दौरान 24.50 लाख टन के पिछले बकाया स्टॉक, 420 लाख टन के घरेलू उत्पादन एवं 8.50 लाख टन के आयात के साथ मक्का की कुल उपलब्धता 453 लाख टन आंकी गई थी।
इसमें से 435 लाख टन का घरेलू उपयोग तथा 3.50 लाख टन का निर्यात हुआ और सीजन के अंत में 14.50 लाख टन का स्टॉक बच गया।
दरअसल एथनॉल निर्माण में जोरदार इस्तेमाल होने से न केवल मक्का की मांग एवं खपत बढ़ रही है बल्कि किसानों को आकर्षक आमदनी भी प्राप्त हो रही है।
2025 के खरीफ सीजन में मक्का का बिजाई क्षेत्र उछलकर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था और मौजूदा खरीफ सीजन में भी इसका क्षेत्रफल गत वर्ष से आगे चल रहा है। इससे उत्पादन बेहतर होने के आसार हैं।
