श्रीलंका से घटिया क्वालिटी की कालीमिर्च का भारी आयात

22-Oct-2024 10:56 AM

मुम्बई । दक्षिण एशिया मुक्त व्यापार संघ (साफ्टा) के तहत श्रीलंका से 8 प्रतिशत के रियायती सीमा शुल्क पर भारत में विशाल मात्रा में कालीमिर्च का आयात हो रहा है।

दरअसल इसकी क्वालिटी हल्की होती है। इसमें नमी का अंश ऊंचा बताया जा रहा है। उसकी बल्क सघनता (घनत्व) कम रहती है और इसमें फंगस की मौजूदगी भी पाई जाती है। इसके फलस्वरूप श्रीलंका से काफी सस्ते दाम पर इसका विशाल आयात किया जा रहा है। 

चालू वर्ष के दौरान श्रीलंका में 25 हजार टन से भी अधिक कालीमिर्च का उत्पादन होने का अनुमान है और इसका अधिकांश भाग भारतीय बाजारों में पहुंचने की संभावना है।

श्रीलंका में कालीमिर्च की घरेलू खपत बहुत कम होती है और इसलिए उसे अपने अधिकांश उत्पादन का निर्यात करने का अवसर मिल जाता है। भारत में कालीमिर्च के लिए 500 रुपए प्रति किलो का न्यूनतम आयत मूल्य (मिप) लागू है।

इस पर 8 प्रतिशत का सीमा शुल्क लगने के बाद आयात खर्च 540 रुपए प्रति किलो बैठता है। श्रीलंका में कालीमिर्च का दाम 500 रुपए प्रति किलो से भी नीचे बताया जा रहा है जबकि घरेलू प्रभाग में स्वदेशी कालीमिर्च का भाव 650 रुपए प्रति किलो के आसपास (उत्पादक मंडियों एवं कोच्चि के टर्मिनल मार्केट में) चल रहा है। 

भारतीय कालीमिर्च एवं मसाला व्यापारी- उत्पादक के सोर्टियम की केरल इकाई ने केन्द्र सरकार से कालीमिर्च के आयात पर रोक या नियंत्रण लगाने का आग्रह करते हुए कहा है कि विदेशों से भारी मात्रा में होने वाला आयात स्वदेशी उत्पादकों के हितों को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है।

कंसोर्टियम ने आरोप लगाया है कि आयात नीति की खामियों का फायदा उठाकर कुछ लोग भारी मात्रा में सस्ती कालीमिर्च मंगा रहे हैं। पुनर्नियात उद्देश्य के लिए जो कालीमिर्च मंगाई जाती है उसका बड़ा भाव भी घरेलू बाजार में उतार दिया जाता है।

विदेश व्यापार महानिदेशालय ने पुनर्निर्यात से पूर्व विदेशों से आयातित कालीमिर्च का स्टॉक को छह माह तक अपने पास रखने की अनुमति प्रदान की है जिसका दुरूपयोग किया जा रहा है।