तेलंगाना में खरीफ फसलों की बिजाई का लक्ष्य निर्धारित
01-Apr-2025 11:24 AM
हैदराबाद। धान तथा कपास के अग्रणी उत्पादक राज्यों में शामिल- तेलंगाना में आगामी खरीफ सीजन के लिए विभिन्न फसलों के उत्पादन क्षेत्र का लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है।
पिछले साल की तुलना में इस चारों प्रमुख फसलों- धान, कपास, मक्का एवं सोयाबीन के क्षेत्रफल में इजाफा होने की उम्मीद व्यक्त की गई है और उसके अनुरूप लक्ष्य को भी बढ़ाया गया है।
तेलंगाना के कृषि मंत्री टी एन राव के अनुसार 2024-25 सीजन की तुलना में 2025-26 के खरीफ सीजन के दौरान राज्य में धान का उत्पादन क्षेत्र 26.50 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 27 लाख हेक्टेयर, कपास का बिजाई क्षेत्र 17.70 लाख हेक्टेयर से उछलकर 20.23 लाख हेक्टेयर,
सोयाबीन का क्षेत्रफल 1.61 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 3.60 लाख हेक्टेयर तथा मक्का का रकबा 2.20 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2.50 लाख हेक्टेयर पर पहुंचने का अनुमान है। इसके अलावा राज्य में कुछ अन्य फसलों की खेती भी होती है।
उल्लेखनीय है कि 2024-25 के वर्तमान खरीफ मार्केटिंग सीजन के दौरान तेलंगाना में भारतीय कपास निगम द्वारा 40 लाख गांठ से अधिक कपास की खरीद की गई।
न्यूनतम समर्थन मूल्य पर हुई इस विशाल खरीद से कपास उत्पादकों को काफी राहत मिली। हकीकत तो यह है कि इस बार तेलंगाना में महाराष्ट्र एवं गुजरात जैसे शीर्ष उत्पादक राज्यों में भी काफी अधिक मात्रा में कपास की सहकारी खरीद हुई है जिससे आगामी सीजन में वहां कपास की खेती के प्रति किसानों का उत्साह एवं आकर्षण बढ़ने के आसार हैं।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इस वर्ष तेलंगाना में करीब 89 लाख पैकेट कपास बीज की आवश्यकता पड़ेगी जबकि 2.05 करोड़ पैकेट बीज की व्यवस्था की जा रही है ताकि किसानों को बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
तेलंगाना केन्द्रीय पूल में धान चावल का योगदान देने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है।
वहां पिछले करीब एक दशक के दौरान धान के क्षेत्रफल एवं उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और अब यह काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है।
दक्षिण भारत में स्थित तेलंगाना देश के ऐसे राज्यों में सम्मिलित है जहां धान की खेती खरीफ और रबी- दोनों सीजन में होती है।
