ट्रेड डील के संशोधित फैक्ट शीट में दलहनों का जिक्र नहीं

11-Feb-2026 11:12 AM

नई दिल्ली। भारत और अमरीका के बीच हुए द्विपक्षीय व्यापारिक करार (ट्रेड डील) के फैक्ट शीट (तथ्य पत्र) में पहले ड्राईड डिस्टीलर्स ग्रेन्स (डीडीजीएस), लाल ज्वार, ट्री नट्स (सूखे मेवे), ताजे एवं प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, शराब तथा स्पिरिट के साथ चुनिंदा दलहनों को भी उन उत्पादों में शामिल किया गया था जिस पर भारत को आयात शुल्क कम या खत्म करना था।

लेकिन अब जो संशोधित तथ्य पत्र जारी किया गया है उसकी सूची में दलहनों का नाम शामिल नहीं है। इसी तरह पहले सख्त लहजे में कहा गया था कि भारत ने अमरीका से 500 अरब डॉलर मूल्य के उत्पादों की खरीद का वादा किया है और उसे यह संकल्प पूरा करना होगा मगर अब संशोधित फ्रेम वर्क में भाषा को काफी नरम रखा गया है। 

प्रस्तावित शुल्क कटौती के तहत आने वाले उत्पादों की सूची में दलहनों का जिक्र संशोधित फैक्ट शीट में नहीं होने का अर्थ यह है कि भारत के लिए यह कोई बाध्यकारी शर्त नहीं होगी बल्कि ऐच्छिक विषय होगा। भारत सरकार चाहे तो अपनी जरूरत के अनुरूप दलहनों पर आयात शुल्क को घटा-बढ़ा सकती है या स्थिर रख सकती है।

समझा जा रहा था कि शुल्क कटौती या समाप्ति के बाद भारत में अमरीका से खासकर हरी मसूर और पीली मटर का आयात तेजी से बढ़ सकता है लेकिन अब इसकी संभावना क्षीण पड़ गई है। वैसे सामान्य तौर पर वहां से दलहनों का आयात जारी रह सकता है।

भारत की खरीद योजना के सम्बन्ध में एक और महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। पहले के तथ्य पत्र में कहा गया था कि भारत अधिक से अधिक अमरीकी उत्पादों के लिए अपना संकल्प व्यक्त का चुका है और यह खरीद 500 अरब डॉलर से अधिक हो सकती है लेकिन संशोधित तथ्य पत्र (फैक्ट शीट) में इस भाषा (शब्द) को बदल दिया गया है।

नए फैक्ट शीट में कहा गया है कि भारत अमरीका से 500 अरब डॉलर से अधिक मूल्य के ऊर्जा स्रोतों, सूचना एवं सम्पर्क तकनीक, कोयला तथा अन्य उत्पादों की खरीद का इरादा रखता है। अब संकल्प के बजाए 'इरादा' शब्द का उपयोग किया गया है जो बाध्यकारी नहीं है। अन्य उत्पादों के बारे में यथास्थिति बरकरार रखी गई है।