दलहनों का निर्यात बढ़ाकर तंजानिया विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि करने का इच्छुक
17-Jul-2024 12:47 PM
अदीस अबाबा । अफ्रीकी महाद्वीप में अवस्थित देश - तंजानिया की सरकार विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ाने के लिए एक नया रणनीतिक प्रयास आरंभ करने का निर्णय लिया है जिसके तहत देश के दलहनों का निर्यात बढ़ाया जाएगा और सोना की खरीद करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
हालिया आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले साल तम्बाकू के बाद दलहन ही तंजानिया में विदेशी मुद्रा उपार्जित करने वाला दूसरा सबसे प्रमुख कृषि उत्पादक रहा।
संयुक्त राष्ट्र संघ के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार केन्द्र की एक रिपोर्ट के अनुसार तंजानिया से अनाज, चाय, कॉफी, तिल एवं कपास (रूई) के साथ- साथ अनेक बागवानी उत्पादों का भी निर्यात होता है लेकिन दलहनों के निर्यात की आमदनी इससे ज्यादा होती है।
पिछले साल सिर्फ दलहनों के निर्यात से तंजानिया को 27.46 करोड़ यूएस डॉलर की आमदनी हुई थी। तंजानिया पल्सेस नेटवर्क के संयोजक के अनुसार हाल के वर्षों में देश से दलहनों के निर्यात में उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी हुई है।
इससे बहुमूल्य विदेशी मुद्रा की आमदनी बढ़ी और राष्ट्रीय अर्थ व्यवस्था के विकास में सहायता मिली। निर्यात के मोर्चे पर दलहनों ने अनेक परम्परागत व्यावसायिक फसलों को पीछे छोड़ दिया है। किसान भी इसकी खेती पर अधिक ध्यान दे रहे हैं।
वर्ष 2022 में तंजानिया से 18.38 करोड़ डॉलर मूल्य के दलहनों का निर्यात हुआ था जो वर्ष 2021 के कुल निर्यात 26.90 करोड़ डॉलर से काफी कम था लेकिन पूर्ववर्ती वर्षों की तुलना में इसका प्रदर्शन ठीक ठाक रहा।
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार दलहनों के निर्यात से तंजानिया को वर्ष 2020 में 19.30 करोड़ डॉलर एवं 2019 में 11.90 करोड़ डॉलर की आमदनी हुई थी।
संयोजक का कहना है कि तंजानिया के लिए दलहन केवल वर्तमान की फसल नहीं है बल्कि भविष्य के लिए भी एक महत्वपूर्ण उत्पाद है जो अर्थ व्यवस्था को स्थिर एवं मजबूत बनाने में बेहतर योगदान देता रहेगा।
पिछले साल तंजानिया से करीब 4.48 लाख टन दलहनों का निर्यात हुआ जो वर्ष 2021 के कुल शिपमेंट 4.64 लाख टन से कुछ कम रहा। भारत में भी तंजानिया से चना का आयात होता है। वहां सूखी बीन्स, चना, तुवर, मूंग एवं लोबिया का उत्पादन होता है।
