दलहन-तिलहन का उत्पादन बढ़ाने पर सरकार का ध्यान केन्द्रित
21-Oct-2024 05:18 PM
नई दिल्ली । चालू वर्ष के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून की अच्छी वर्षा होने के कारण कुल मिलाकर फसल उत्पादन के बेहतर परिदृश्य को देखते हुए केन्द्र सरकार ने 2024-25 के सम्पूर्ण मार्केटिंग सीजन के लिए देश में 34.155 करोड़ टन खाद्यान्न के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है।
उत्पादन का यह नया रिकॉर्ड स्तर 2023-24 सीजन के कुल समीक्षित उत्पादन से लगभग 90 लाख टन या 2.7 प्रतिशत ज्यादा है। खाद्यान्न के संवर्ग में सरकार का ध्यान मुख्यत: दलहनों का उत्पादन बढ़ाने पर केन्द्रित है जबकि गैर खाद्यान्न संवर्ग में वह तिलहन फसलों की पैदावार बढ़ाने पर ज्यादा जोर देना चाहती है क्योंकि दलहनों एवं खाद्य तेलों के आयात पर भारत की निर्भरता काफी बढ़ गई है।
खाद्यान्न उत्पादन का जो नया रिकॉर्ड लक्ष्य निर्धारित किया गया है उसमें 1150 लाख टन गेहूं तथा करीब 300 लाख टन दलहन की पैदावार का लक्ष्य भी शामिल है।
इन दोनों फसलों के उत्पादन का लक्ष्य भी नए रिकॉर्ड स्तर का है। दलहनों का उत्पादन लक्ष्य तो 2023-24 सीजन की पैदावार से 25 प्रतिशत ऊंचा है।
इसी तरह तिलहन फसलों के उत्पादन का लक्ष्य बढ़ाकर करीब 450 लाख टन निर्धारित किया गया है जो गत वर्ष के उत्पादन से 12 प्रतिशत ज्यादा है।
लेकिन चावल के उत्पादन का लक्ष्य घटाकर 1360 लाख टन नियत किया गया है जो 2023-24 सीजन के उत्पादन 1370 लाख टन से 10 लाख टन कम है।
केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने कहा है कि फसल विविधिकरण, अंतरफसलीय कृषि पद्धति, बिजाई क्षेत्र में वृद्धि तथा कम उपजाऊ क्षेत्र में ऊंची उत्पादकता वाले बीज की खेती आदि के जरिए दलहन-तिलहन फसलों के उत्पादन का ऊंचा लक्ष्य हासिल किया जाएगा।
रबी अभियान 2024 के लिए आयोजित राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कृषि मंत्री ने पिछले दिन कहा था कि खेती की नई विधि एवं तकनीक का उपयोग बढ़ाया जाएगा।
