उम्मीद के विपरीत अप्रैल में पाम तेल का आयात काफी घटने का अनुमान

06-May-2025 11:32 AM

मुम्बई । हालांकि पहले कहा जा रहा था कि पाम तेल का भाव घटने से भारत में इसके आयात में अच्छी बढ़ोत्तरी होगी लेकिन अब उद्योग- व्यापार समीक्षकों का कहना है कि कम से कम अप्रैल में पाम तेल का आयात नहीं बढ़ा बल्कि इसमें भारी गिरावट आ गई।

विश्लेषकों के मुताबिक मार्च की तुलना में अप्रैल के दौरान पाम तेल का आयात 24 प्रतिशत घटकर 3.22 लाख टन पर अटक जाने का अनुमान है। यदि कीमतों में गिरावट का असर आयात पर पड़ेगा तो यह मई-जून में ही परिलक्षित हो सकता है।

पहले पाम तेल का निर्यात ऑफर मूल्य भारत के लिए सोयाबीन तेल की तुलना में ऊंचा चल रहा था मगर अब नीचे आ गया है इसलिए मई-जून शिपमेंट के लिए पाम तेल के आयात का सौदा कुछ बड़ा हो सकता है।

चालू मार्केटिंग सीजन के आरंभ यानी नवम्बर 2024 से ही पाम तेल का आयात सामान्य स्तर से काफी नीचे चल रहा है। नवम्बर से मार्च तक के पांच महीनों में आयात का प्रदर्शन लचर रहने से भारत में पाम तेल का स्टॉक काफी घट गया इसलिए अप्रैल में इसका आयात बढ़ने की उम्मीद की जा रही है थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका। 

उद्योग-व्यापार क्षेत्र के विश्लेषकों के मुताबिक मार्च की तुलना में अप्रैल के दौरान सूरजमुखी तेल का आयात भी 6 प्रतिशत घटकर 1.80 लाख टन पर अटक जाने का अनुमान है लेकिन सोयाबीन तेल का आयात 2 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 3.63 लाख टन पर पहुंचने की उम्मीद है।

इस तरह अप्रैल में 3.63 लाख टन सोयाबीन तेल 3.22 लाख टन पाम तेल तथा 1.80 लाख टन सूरजमुखी तेल के साथ कुल 8.65 लाख टन खाद्य तेल का आयात होने का अनुमान लगाया जा रहा है जो मार्च के आयात से 11 प्रतिशत कम है।

यह आंकड़ा उद्योग-व्यापार क्षेत्र के विश्लेषकों- समीक्षकों का कहना है कि जबकि एक अग्रणी उद्योग संगठन- सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) की मासिक रिपोर्ट मध्य मई में जारी होने वाली है जिसमें अप्रैल 2025 के दौरान खाद्य तेलों के आयात का सम्पूर्ण विवरण विस्तार से किया जाएगा।

आमतौर पर 'सी' के आंकड़े को विश्वसनीय माना जाता है। दिलचस्प तथ्य यह है कि 'सी' का आंकड़ा उद्योग-व्यापार क्षेत्र के विश्लेषकों के अनुमान के लगभग आसपास ही रहता है।