उपभोक्ताओं को राहत देने हेतु रिटेलर्स को दालों पर लाभ का मार्जिन घटाने का निर्देश
17-Jul-2024 03:28 PM
नई दिल्ली । केन्द्र सरकार ने कहा है कि पिछले एक माह के दौरान प्रमुख थोक बाजारों में तुवर, उड़द एवं चना दाल की कीमतों में करीब 4 प्रतिशत की गिरावट आई है लेकिन इसके अनुपात में इन दालों का खुदरा मूल्य नहीं घटा है।
सरकार ने खुदरा विक्रेताओं (रिटेलर्स) से आम उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने के लिए दालों पर युक्ति संगत लाभ का मार्जिन वसूलने के लिए काह है।
साथ ही सरकार ने चेतावनी भी दी है कि दाल-दलहन के करोबार में अनियमितता बरतने या हेरा फेरी करने वाले अवांछित तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मालूम हो कि 16 जुलाई को उपभोक्ता मामले विभाग ने दाल-दलहन के सम्बन्ध में मूल्य परिदृश्य पर चर्चा के लिए रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के साथ एक मीटिंग आयोजित की थी जिसकी अध्यक्षता उपभोक्ता, मामले विभाग की सचिव निधि खरे ने की।
थी उस मीटिंग में तुवर एवं चना पर लगी भंडारण सीमा के परिपालन की समीक्षा भी की गई। इस मीटिंग में अन्य लोगों के साथ प्रमुख रिटेल चेन फर्मों- रिलायंस रिटेल, डी-मार्ट, टाटा स्टोर्स, स्पेंसर, बी-मार्ट तथा आरएसपीजी के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि इस एसोसिएशन के सदस्यों की संख्या 2300 से ज्यादा है और समूचे देश में उसके 6 लाख से अधिक खुदरा आउटलेट्स हैं।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार उपभोक्ता मामले सचिव ने सूचित किया कि पिछले एक माह के अंदर प्रमुख मंडियों (थोक बाजार) में चना, तुवर एवं उड़द के दाम में 4 प्रतिशत तक की गिरावट आई है मगर उसके अनुरूप खुदरा मूल्य नीचे आया है।
सचिव का कहना था कि थोक मंडी भाव तथा खुदरा मूल्य के बीच बेमेल प्रवृत्ति देखी जा रही है जिससे प्रतीत होता है कि रिटेलर्स अपने लाभ का ऊंचा मार्जिन रख रहे हैं।
रिटेल उद्योग को दाल-दलहनों की कीमतों को उपभोक्ताओं के लिए उचित स्तर पर लाने हेतु सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों में समुचित सहयोग-समर्थन प्रदान करना चाहिए।
