उत्पादन घटने की संभावना के बावजूद चीनी के दाम में उछाल आने के आसार नहीं

20-Nov-2024 06:17 PM

नई दिल्ली । हालांकि पिछले सीजन की तुलना में चालू मार्केटिंग सीजन के दौरान चीनी का घरेलू उत्पादन कुछ घटने तथा उयपोग में कुछ वृद्धि होने की संभावना है लेकिन विशाल पिछले बकाया स्टॉक के कारण इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम बनी रह सकती है जिससे कीमतों में तेज उछाल आने के आसार नहीं है।

2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन के आरंभ में यानी 1 अक्टूबर 2024 को उद्योग के पास लगभग 80 लाख टन चीनी का पिछला बकाया स्टॉक मौजूद था।

यदि चालू सीजन में 310-315 लाख टन का उत्पादन होता है तो इसकी कुल उपलब्धता 390-395 लाख टन पर पहुंच सकती है। चीनी की घरेलू खपत 290 लाख टन होने का अनुमान है जबकि इसके व्यापारिक निर्यात पर प्रतिबंध लगा हुआ है और निकट भविष्य में प्रतिबंध के हटने की संभावना भी नहीं है। 

ऐसी हालत में चीनी की कीमतों में भारी तेजी आने का अनुमान लगाना ठीक नहीं लगता है। यदि एथनॉल निर्माण में चीनी की खपत 15-20 लाख टन बढ़ती है तो मिलों पर स्टॉक का दबाव घट सकता है।

चीनी मिलर्स केन्द्र सरकार से एथनॉल का दाम बढ़ाने का जोरदार आग्रह कर रहे हैं और ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार इसे स्वीकार कर सकती है। इससे मिलर्स को कुछ राहत मिलेगी।

उद्योग तो चीनी के एक्स फैक्टरी बिक्री मूल्य में भी वृद्धि की मांग कर रहा है मगर इस पर सरकार का रुख सकारात्मक नजर नहीं आ रहा है। 

गन्ना की क्रशिंग एवं चीनी के उत्पादन का सीजन औपचारिक तौर पर पहले ही आरंभ हो चुका है लेकिन उत्पादन अभी गत वर्ष से पीछे चल रहा है क्योंकि क्रियाशील मिलों की संख्या 15 नवम्बर तक सीमित रही।

अब लगभग सभी प्रमुख उत्पादक राज्यों- महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात, आंध्र प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश एवं उत्तराखंड आदि में गन्ना की क्रशिंग जोर पकड़ने की संभावना है जिससे चीनी का उत्पादन आंकड़ा बड़ा होता जाएगा। मार्च 2025 तक चीनी का भारी उत्पादन होगा और उसके बाद रफ्तार घटने लगेगी।