उत्पादन में वृद्धि से मूंग का भाव नरम-सरकारी खरीद की स्थिति बेहतर

20-Nov-2024 07:34 PM

नई दिल्ली । मूंग की खेती खरीफ, रबी तथा जायद- तीनों सीजन में होती है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार खरीफ कालीन मूंग का बिजाई क्षेत्र गत वर्ष के 31.50 लाख हेक्टेयर से 3.95 लाख हेक्टेयर बढ़कर इस बार 35.45 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।

बाढ़-वर्षा से फसल को हुए कुछ नुकसान के बावजूद कृषि मंत्रालय ने मूंग का घरेलू उत्पादन 11.55 लाख टन से 2.30 लाख टन बढ़कर 13.85 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान लगाया है।

राजस्थान सहित अन्य प्रमुख उत्पादक राज्यों में मूंग के नए माल की जोरदार आवक शुरू हो गई है मगर इसके अनुरूप मिलर्स एवं व्यापरियों / स्टॉकिस्टों की लिवाली नहीं होने से मंडी भाव घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे आ गया। 

केन्द्र सरकार ने मूंग का न्यूनतम सर्मथन मूल्य (एमएसपी) पिछले साल की तुलना में 1.4 प्रतिशत बढ़ाकर 8682 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।

मंडी भाव इससे काफी नीचे रहने के कारण सरकारी एजेंसियां प्रमुख उत्पादक राज्यों में इसकी अच्छी खरीद करने लगी है। सरकार ने 2024-25 के खरीफ मार्केटिंग सीजन के दौरान कुल 2,82,973 टन मूंग की खरीद का लक्ष्य नियत किया है जिसमें राजस्थान में 2,03,305 टन, कर्नाटक में 38,320 टन, महाराष्ट्र में 17,688 टन,

गुजरात में 8 हजार टन, तेलंगाना में 3608 टन, तमिलनाडु में 2600 टन, उत्तर प्रदेश में 4215 टन, हरियाणा में 4280 टन तथा आंध्र प्रदेश में 957 टन का लक्ष्य शामिल है। 18 नवम्बर 2024 तक कुल 54,976 टन मूंग की सरकारी खरीद हुई।

इसके तहत राजस्थान में 32,508 टन, कर्नाटक में 21,456 टन, तेलंगाना में 1004 टन तथा महाराष्ट्र में 7.40 टन की खरीद शामिल थी। खरीद की प्रक्रिया अभी जारी है।