ऊंचे कोटे के दबाव से चीनी के दाम में तेजी की संभावना कम
24-Jan-2026 12:16 PM
नई दिल्ली। अगले सप्ताह फरवरी 2026 के लिए चीनी का मासिक फ्री सेल कोटा घोषित होने वाला है जिस पर सबका ध्यान केन्द्रित है। दिसम्बर 2025 तथा जनवरी 2026 के लिए 22-22 लाख टन चीनी की घरेलू बिक्री का मासिक कोटा जारी किया गया जो बाजार पर भारी पड़ गया। इसका एक खास कारण मांग का कमजोर रहना है।
उद्योग समीक्षकों के अनुसार दिसम्बर-जनवरी में ठंडे मौसम के कारण चीनी में औद्योगिक मांग कमजोर पड़ गई और लग्नसरा तथा मांगलिक उत्सवों का सीजन नहीं होने से बाजार को ज्यादा समर्थन नहीं मिल सका।
चीनी कोटा की पूरी मात्रा को बेचने का सरकारी नियम भी मिलर्स को प्रभावित कर रहा है। लेकिन बाजार का संकेत भी उत्साहवर्धक नहीं रहा है।
2025-26 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान चीनी का घरेलू उत्पादन 18-20 प्रतिशत उछलकर 310-315 लाख टन पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया जा रहा है जिससे उद्योग के पास इसका बकाया अधिशेष स्टॉक काफी बढ़ सकता है।
ऐसी हालत में सरकार घरेलू बाजार मूल्य को नियंत्रित करने के लिए खुले रूप से चीनी का मासिक फ्री सेल कोटा जारी करने के लिए स्वतंत्र रहेगी और उसे स्टॉक की कमी की आशंका नहीं रहेगी।
फरवरी से तापमान में वृद्धि शुरू होने की संभावना है जिससे चीनी की औद्योगिक मांग में सुधार आ सकता है। यदि मासिक कोटा छोटा रखा गया तो कीमतों में कुछ मजबूती आ सकती है।
महाराष्ट्र में चीनी का एक्स फैक्टरी बिक्री मूल्य घटकर 3550-3600 रुपए प्रति क्विंटल के निचले स्तर पर आ गया है जो इसके लागत खर्च से भी काफी कम है। इससे चीनी मिलों को मासिक स्थिति डावांडोल होती जा रही है।
