वर्षा के बजाए ओलावृष्टि से रबी फसलों को ज्यादा खतरा

27-Jan-2026 09:14 PM

नई दिल्ली। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण 27 जनवरी 2026 को उत्तर प्रदेश, राजस्थान पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड को मैदानी इलाकों में तेज हवा एवं गरज-चमक के साथ वर्षा हुई और कई इलाकों में भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई।

मौसम में ठंडापन बढ़ गया। कई क्षेत्रों में हवा के प्रवाह की गति 40 से 50 कि०मी० प्रति घंटा तक दर्ज की गई। पंजाब-हरियाणा में इसकी उच्चतम रफ्तार 60 कि०मी० प्रति घंटा तक पहुंच गई।

उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान में सामान्य गति 30 से 40 कि०मी० प्रति घंटा तथा उच्चतम रफ्तार 50 कि० मी० प्रति घंटा दर्ज की गई। 28 जनवरी को भी कहीं-कहीं वर्षा होने का अनुमान है। 

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि जिन इलाकों में हल्की या सामान्य वर्षा हुई, ओले नहीं गिरे और हवा की रफ्तार भी धीमी रही वहां रबी फसलों को कुल मिलाकर फायदा होने की उम्मीद है

लेकिन जहां भारी वर्षा एवं ओलावृष्टि के साथ हवा की रफ्तार तेज रही वहां फसल को नुकसान होने की आशंका है। यह स्थिति गेहूं, चना, सरसों, जौ और मसूर वैसी फसलों के लिए ज्यादा घातक साबित हो सकती है। 

इन प्राकृतिक आपदाओं से किस क्षेत्र में रबी फसलों को कितना नुकसान हुआ है इसका पता तो सरकारी सर्वेक्षण के बाद ही लग पाएगा

लेकिन इतना अवश्य है कि जो अगैती बिजाई वाली फसलें परिपक्व होकर कटाई-तैयारी के चरण में पहुंच गई है उसके लिए ज्यादा वर्षा, तेज हवा और ओलावृष्टि काफी हानिकारक है।