यूरोपीय संघ एवं अमरीका के साथ भारत का ट्रेड डील होने से पाकिस्तान को झटका
04-Feb-2026 06:05 PM
नई दिल्ली। भारत ने पहले यूरोपीय संघ और फिर अमरीका के साथ द्विपक्षीय व्यापारिक करार (ट्रेड डील) करके पाकिस्तान को गहरा आघात लगा दिया है। इससे पूर्व ब्रिटेन के साथ भी भारत का व्यापार समझौता हो चुका है।
अमरीका में भारतीय उत्पादों पर आयात शुल्क (टैरिफ) को घटाकर 18 प्रतिशत नियत करने की घोषणा हुई है जबकि पाकिस्तानी उत्पादों पर 19 प्रतिशत का सीमा शुल्क लागू रहेगा।
इससे अमरीकी बाजारों में भारतीय चावल (खास बासमती) एवं वस्त्र उत्पादों का मूल्य प्रतिस्पर्धी स्तर पर आ जाएगा और पाकिस्तानी निर्यातकों के लिए संकट बढ़ जाएगा।
पाकिस्तानी कॉटन जिनर्स फोरम के अध्यक्ष ने कहा है कि यदि सरकार कपास एवं कपड़ा उद्योग के हितों की सुरक्षा के लिए यथाशीघ्र आवश्यक उपाय नहीं करती है तो पाकिस्तानी निर्यात में जोरदार गिरावट आने की आशंका बढ़ जाएगी।
पाकिस्तान से यूरोपीय संघ एवं अमरीका को अच्छी मात्रा में चावल का निर्यात भी होता है और शुल्क से छूट का लाभ अभी तक उसके निर्यातकों को मिल रहा था जिससे भारतीय निर्यातकों को कठिनाई हो रही थी।
मगर अब इसकी दिशा बदल जाएगी। आने वाले वर्षों में भारत के बजाए पाकिस्तान के निर्यातकों की मुसीबत बढ़ने की आशंका है।
ध्यान देने वाली बात है कि पाकिस्तान की अर्थ व्यवस्था में कॉटन एवं चावल उद्योग का सर्वाधिक महत्वपूर्ण योगदान इसलिए रहता है क्योंकि इसकी बदौलत ही उसे सबसे ज्यादा विदेशी मुद्रा प्राप्त होती है।
यदि वस्त्र परिधान एवं चावल के निर्यात पर संकट बढ़ा तो पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर हो सकती है। अब पाकिस्तान में उत्पादन लागत को घटाकर भारत के समकक्ष लाने पर जोर दिया जा रहा है
लेकिन वहां सरकार की आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि वह खाद-बीज एवं अन्य कृषि साधनों के लिए किसानों को सब्सिडी प्रदान कर सके।
