यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौता में वनोपज को शामिल करने का सुझाव

22-Jan-2026 05:17 PM

मुम्बई। भारत और यूरोपीय संघ के बीच होने वाले मुक्त व्यापार समझौता के लिए द्विपक्षीय बातचीत काफी आगे बढ़कर अंतिम चरण में पहुंच गई है औरअगले कुछ दिनों में इसे अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। स्पेन के विदेश मंत्री ने भी कहा है कि जल्दी ही इस समझौता पर दोनों पक्षों की ओर से हस्ताक्षर हो सकते हैं।  

समझा जाता है कि इस मुक्त व्यापार समझौता के दायरे से फिलहाल कृषि क्षेत्र के उत्पादों को बाहर रखने का प्रस्ताव किया है लेकिन सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) ने भारत सरकार को इस समझौते के तहत वर्षों एवं जंगलों से प्राप्त उत्पादों (वनोपज) को सम्मिलित करने का सुझाव दिया है क्योंकि वह मुख्य कृषि उत्पादों की श्रेणी में नहीं आता है।

इस सम्बन्ध में केन्द्रीय वाणिज्य मंत्रालय के पास एक विस्तृत ज्ञापन भी जमा किया गया है। इस ज्ञापन   में कहा गया है कि ऐसे अनेक वनोपज हैं जिसका भारत से भारी मात्रा में यूरोपीय संघ को निर्यात किया जा सकता है।

इसमें साल, आम, कोकून एवं नीण पहुआ- करंडी आदि का तेल भी शामिल है। इससे जनजातीय एवं आदिवादी क्षेत्रों के उत्पादकों तथा इस पर आधारित उद्योगों को काफी राहत मिलेगी और समग्र रूप से देश को भी फायदा होगा। 

यद्यपि इस मुक्त व्यापार समझौता की सीमा में फिलहाल बासमती चावल सहित अन्य कृषि उत्पादों को शामिल नहीं किया जाएगा लेकिन आगामी समय में इसे सम्मिलिति करने पर जोर दिया जा सकता है।

अमरीका के साथ होने वाले द्विपक्षीय व्यापार संधि के लिए भी भारत अपना पक्ष स्पष्ट कर चुका है लेकिन अमरीका की तरफ से बार-बार इसमें अड़चने डाली जा रही हैं।

अमरीका अब भारत में अपने दलहनों के लिए शुल्क मुक्त आयात की सुविधा चाहता है जिसे स्वीकार करना भारत के लिए कठिन हो सकता है।